Breaking News

बस्तर में नदियां उफान पर, प्रशासन अलर्ट

  • खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर पहुंच सकता है इंद्रावती का जलस्तर
  • कलेक्टर-एसपी ने लगातार दूसरे दिन किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सघन भ्रमण, राहत शिविरों की व्यवस्थाओं का लिया जायजा
  • सुरक्षा के मद्देनजर कई इलाकों की विद्युत आपूर्ति बंद, प्रशासन और राहत दल चौबीसों घंटे सक्रिय

बस्तर में बारिश थमी, लेकिन नदियां उफान पर; प्रशासन अलर्ट

THE CG NEWS

रायपुर। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के असर से बस्तर अंचल में पिछले कुछ दिनों से जारी मूसलाधार बारिश पर भले ही विराम लग गया है, लेकिन बाढ़ का खतरा अभी टला नहीं है। ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से लगातार बड़ी मात्रा में पानी की आवक के कारण इंद्रावती सहित अंचल की प्रमुख नदियां और नाले उफान पर हैं।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्यों के साथ लगातार निगरानी की जा रही है। जलभराव वाले क्षेत्रों में संभावित विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कई इलाकों में एहतियातन बिजली आपूर्ति बंद कर दी गई है।

 

खतरे के निशान से 4.26 मीटर ऊपर पहुंच सकता है इंद्रावती का जलस्तर

 

इंद्रावती नदी का जलस्तर शनिवार रात 8 बजे तक 12.56 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है, जो खतरे के निशान से करीब 4.26 मीटर अधिक हो सकता है। नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तटीय और निचले रिहायशी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। प्रशासन ने मैदानी अमले को संवेदनशील क्षेत्रों की चौबीसों घंटे निगरानी करने और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

कलेक्टर-एसपी लगातार दूसरे दिन पहुंचे प्रभावित क्षेत्रों में

बाढ़ के हालात के बीच कलेक्टर आकाश छिकारा और पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने लगातार दूसरे दिन प्रभावित क्षेत्रों का सघन भ्रमण कर जमीनी स्थिति का जायजा लिया। दोनों अधिकारियों ने डोंगाघाट और आसना सहित जलभराव से प्रभावित विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों का निरीक्षण किया। मार्गों पर जलभराव और आवागमन में अवरोध के बावजूद प्रशासनिक टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति की प्रत्यक्ष जानकारी ली और राहत कार्यों की समीक्षा की।
कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक ने पनारापारा स्थित राहत शिविर पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों के लिए शिविर में ठहरने, भोजन, स्वच्छ पेयजल और चिकित्सा सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि राहत शिविरों में रह रहे परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो और आवश्यक सुविधाएं लगातार उपलब्ध कराई जाएं।

कलेक्टर छिकारा ने मैदानी अमले और सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के साथ निचले व संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दलों को सक्रिय रखते हुए जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई करने तथा प्रभावित परिवारों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित करने कहा गया है। पुलिस और प्रशासनिक अमला भी चौबीसों घंटे स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

सुरक्षा के लिए कई क्षेत्रों की विद्युत आपूर्ति बंद

बाढ़ और जलभराव के कारण संभावित विद्युत दुर्घटनाओं को रोकने के लिए छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी ने जगदलपुर शहर के कई क्षेत्रों में एहतियातन विद्युत आपूर्ति बंद की है। जगदलपुर शहर के कार्यपालन अभियंता नंद कुमार भगत ने बताया कि 11 केवी हाउसिंग बोर्ड फीडर, 11 केवी गणपति फीडर और 11 केवी पथरागुड़ा फीडर से जुड़ी विद्युत आपूर्ति सुरक्षा की दृष्टि से बंद रखी गई है।
इसके कारण हाउसिंग बोर्ड क्षेत्र, 440 फ्लैट्स एवं आसपास के इलाके, खपराभट्टी, आमागुड़ा चौक से एनएमडीसी चौक, गणपति रिसॉर्ट, चिमनी भट्टी और गिल बाड़ा सहित कई क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित है। इसके अलावा सुगम, रिलायंस एवं सोढ़ी पेट्रोल पंप क्षेत्र और लालबाग, बैंक कॉलोनी और वीआईपी कॉलोनी में भी बिजली आपूर्ति बंद है।
विद्युत वितरण कंपनी की तकनीकी टीमें स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए आवश्यक संधारण कार्य में जुटी हैं। जलस्तर कम होने और सुरक्षा की दृष्टि से परिस्थितियां सामान्य होने के बाद प्रभावित क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से विद्युत आपूर्ति बहाल की जाएगी।

उफनते नदी-नालों से दूर रहने की अपील

प्रशासन ने नागरिकों से बाढ़ की स्थिति को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। लोगों से उफनते नदी-नालों और जलमग्न पुल-पुलियों को पार नहीं करने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने तथा बिजली के खंभों, तारों और ट्रांसफार्मरों के पास नहीं जाने को कहा गया है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों से आपदा नियंत्रण कंट्रोल रूम अथवा संबंधित क्षेत्र के राजस्व अधिकारियों को तत्काल सूचना देने का आग्रह किया गया है।

बारिश थमने के बावजूद नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन, पुलिस, राहत-बचाव दल और विद्युत वितरण कंपनी का अमला प्रभावित क्षेत्रों में लगातार सक्रिय है। राहत शिविरों में आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ संवेदनशील इलाकों पर चौबीसों घंटे निगरानी रखी जा रही है।

Check Also

लगातार बारिश से 200 परिवार फंसे, रेस्क्यू कर 16 अस्थायी राहत शिविरों में ठहराया गया

आवश्यक कार्य न होने की स्थिति में ऐनीकट तथा नदी के किनारे न जाने की …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!