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छत्तीसगढ़ में एसआईआर पर अकबर का बड़ा खुलासा

  • एसआईआर की प्रक्रिया में चार गुना वोटरों के नाम हटाए गए  

THE CG NEWS 

रायपुर। चुनाव आयोग के क्रियाकलाप को लेकर देश भर में मचे सियासी घमासान के बीच छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ कांग्रेस नेता पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने राज्य में एसआईआर की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाएं है।

उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा और कांग्रेस के बीच कुल मतों का अंतर 6 लाख 32 हजार 382 यानि 4.04 प्रतिशत वोट का था। एसआईआर के बाद अंतिम मतदाता सूची में 24 लाख 99 हजार 823 मतदाताओं की कमी दर्ज की गई।

यह संख्या दोनों प्रमुख दलों के बीच मतों के अंतर की लगभग चार गुना है।  इनमें से 19 लाख 13 हजार 540 मतदाताओं को शिफ्टेड या एब्सेंट श्रेणी में चिह्नित किया गया।  ये वे लोग हो सकते हैं जो रोजगार, कामकाज, शिक्षा या अन्य कारणों से अपने पंजीकृत पते पर उपलब्ध नहीं थे। केवल किसी दिन घर पर अनुपस्थित होने या गणना प्रपत्र प्राप्त न होने के आधार पर किसी व्यक्ति की स्थायी अनुपस्थिति या मतदाता के रूप में अपात्र मान लेना गंभीर चिंता का विषय है।

आयोग ने खुद ही इन्हेंं अनुपस्थित माना है। संबंधित मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस देकर अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला। मतदाता सूची से नाम विलोपित करने की प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष और निर्धारित कानूनी प्रावधानों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र नागरिक का मताधिकार प्रभावित न हो।

पूर्व मंत्री ने निर्वाचन आयोग से मांग की है कि शिफ्टेड/एब्सेंट श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं के मामलों की व्यक्तिगत स्तर पर समीक्षा की जाए। जिन मतदाताओं को नियमानुसार नोटिस या सुनवाई का अवसर नहीं मिला, उन्हें अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिया जाए।

जांच और सुनवाई के बाद पात्र पाए जाने वाले सभी मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में पुनः जोड़ने की आवश्यक कार्रवाई की जाए। मतदाता सूची का पुनरीक्षण वास्तविक त्रुटियों को दूर करने के लिए होना चाहिए, न कि किसी पात्र मतदाता को उसके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने का कारण बनना चाहिए। निर्वाचन आयोग को इस मामले में स्वयं संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि छत्तीसगढ़ में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित किए जा सकें।

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