- आवागमन शुरू करने से पहले पुल की स्ट्रेंथ जांचें पीडब्लूडी ( ब्रिज ) के अधिकारी
- पुल निर्माण के दौरान कई बार की गई थी क्वालिटी घटिया होने की शिकायत
- वोरा ने हादसे टालने तत्काल मरम्मत करने दिये निर्देश
- भारी वाहनों की आवाजाही रोकी गई
द सीजी न्यूज
शिवनाथ नदी पर बना नए पुल निर्माण का भ्रष्टाचार उजागर हो गया है। नया पुल न तो शिवनाथ में आई बाढ़ में डूबा, न यहां कोई और आफत आई, लेकिन कल रात पुल पर दो बड़े-बड़े गड्ढे हो गए। यानी दूसरे शब्दों में कहें तो 2018 में पुल का निर्माण पूरा होने के महज चार साल बाद ही शिवनाथ का नया पुल टूटने लगा है। एक गड्ढा करीब चार बाई पांच का है। दूसरा गड्ढा दो बाई तीन साइज का है। रात में पुल का हिस्सा टूट कर नीचे गिर गया। इसके बाद यहां आवागमन रोक दिया गया है। सुबह विधायक अरुण वोरा को इसकी खबर मिलते ही उन्होंने नए पुल का जायजा लिया और पीडब्लूडी (ब्रिज) के अफसरों को तत्काल मरम्मत करने के निर्देश दिये।
वोरा ने कहा तत्कालीन राज्यसभा सांसद मोतीलाल वोरा की पहल पर केंद्रीय मंत्री कमलनाथ ने नए पुल के निर्माण की मंजूरी दी थी। भाजपा शासनकाल में पुल का निर्माण कराया गया। नए पुल का निर्माण लापरवाही से किया गया है, जिसके कारण बारिश के दौरान पुल में बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इस मामले की जांच होनी चाहिए।
वोरा ने पीडब्लूडी ( ब्रिज ) के अफसरों को मौके पर बुलाकर कहा है कि पुल की स्ट्रेंथ की अच्छी तरह जांच पड़ताल करना जरूरी है, ताकि यहां और गड्ढे न होने पाए। उन्होंने पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित किया जाए, ताकि किसी भी तरह के हादसे से होने वाली अनहोनी को टाला जा सके। वोरा ने पुल में हुए गड्ढे की मरम्मत तत्काल करने सहित सभी जरूरी सुरक्षात्मक उपाय करने के निर्देश भी दिये।निरीक्षण के दौरान एसडीएम मुकेश रावटे, पीडब्लूडी (ब्रिज) के ईई डीके महेश्वरी, वीके हरियल, एमआईसी मेंबर एल्डरमेन राजेश शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
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