छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र की मोदी सरकार और केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यशैली को लेकर बड़ा बयान दिया है। रायपुर में मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि कहीं गलत हो रहा है तो ईडी-आईटी कार्रवाई करें, लेकिन छत्तीसगढ़ के लोगों को अनावश्यक रूप से परेशान न करें। प्रदेश में लोगों को आईटी, ईडी, डीआरआई के लोग बुला रहे हैं, उन्हें धमकी-चमकी और प्रताड़ित करने का काम कर रहे हैं। दूसरे प्रकार की बातें भी सुनाई दे रही हैं। यह उचित नहीं है। भूपेश ने कहा कि अगर छत्तीसगढ़ सरकार को शिकायत मिलती है तो निश्चित रूप से एजेंसियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि – मैं अग्रसेन जयंती के कार्यक्रम में था। वहां मुझे जानकारी मिली। जिन लोगों को आईटी, ईडी, डीआरआई के लोग बुला रहे हैं उन्हें धमकी-चमकी और प्रताड़ित करने का काम कर रहे हैं। सेंट्रल एजेंसी आए, उनका स्वागत है। उन्हें बनाया ही इसलिए गया है कि कहीं गलत हो रहा हो तो उस पर कार्रवाई करें, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि लोगों को धमकाएं-चमकाएं। वे व्यापार कर रहे हैं, उद्योग चला रहे हैं तो यह अपराध नहीं है। अगर छत्तीसगढ़ सरकार को शिकायत मिलती है तो निश्चित रूप से उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
रिमोट से संचालित हो रही ईडी-आईटी
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि सेंट्रल एजेंसियां अपने उद्देश्यों से भटक चुकी हैं। केंद्र की मोदी सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही हैं। अफसरों ने भारत के संविधान की शपथ ली है। उसका पालन ही नहीं कर रहे हैं। चिटफंड कंपनियों ने छह-साढ़े हजार करोड़ रुपये लूटे हैं। कहीं न कहीं उसमें मनी लांड्रिंग हुआ है। उसमें कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे हैं। यहां से लोगों का पैसा गया है। आप उसमें कार्रवाई नहीं करोगे। ब्रांड एंबेसडर बाहर घूम रहे हैं। उनसे पूछताछ भी नहीं कर रहे हैं। आपकी कार्यशैली ऐसी है कि किसी के रिमोट से आप चल रहे हैं। यह प्रजातंत्र के लिए कतई उचित नहीं है।
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