- 20 उपार्जन केंद्रों में अरहर, मूंग और उड़द फसल की समर्थन मूल्य में खरीदी की मुख्यमंत्री ने की शुरूआत
द सीजी न्यूज
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज अपने निवास कार्यालय से प्रदेश के 20 उपार्जन केंद्रों में अरहर, मूंग और उड़द की फसल की समर्थन मूल्य में खरीदी की वर्चुअल शुरूआत की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों की आय बढ़ेगी। किसानों के पास अब विकल्प होगा कि उन्हें जहां ज्यादा मूल्य मिलेगा, वहां वे अरहर, मूंग, उड़द की फसल बेच सकेंगे। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित (मार्कफेड) के माध्यम से अरहर और उड़द की फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य 6600 रुपए प्रति क्विंटल और मूंग फसल की फसल 7755 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदी की जायेगी।
किसानों की सुविधा को देखते हुए राज्य में 20 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। इस साल उड़द और मूंग का उपार्जन 17 अक्टूबर 2022 से 16 दिसम्बर 2022 तक और अरहर का उपार्जन आगामी वर्ष में 13 मार्च 2023 से 12 मई 2023 तक किया जाएगा। योजना के अंतर्गत शासन द्वारा पंजीकृत किसानों से अरहर 4 क्विंटल, मूंग 2 क्विंटल और उड़द 3 क्विंटल प्रति एकड़ की दर से समर्थन मूल्य में खरीदी की जाएगी।
सरकार के इस निर्णय से प्रदेश में अरहर, मूंग, उड़द की फसलों की बुआई करने वाले किसानों को सीधा लाभ होगा। योजना का लाभ लेने के लिए इन फसलों की बुवाई करने वाले किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों से संपर्क कर सेवा सहकारी समितियो में आवेदन पत्र के साथ ऋण पुस्तिका सहित अन्य दस्तावेज जमा कर पोर्टल पर पंजीयन करवा सकते हैं। पंजीयन अभी जारी है, इसकी अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2022 है।
छत्तीसगढ़ में उड़द, मूंग और अरहर की फसल भी अच्छी मात्रा में होती हैं, राज्य के जशपुर, सरगुजा, गरियाबंद, रायगढ़, कोंडागांव के क्षेत्रों में 122.01 हेक्टेयर में उड़द, जांजगीर, रायगढ़, कबीरधाम, कोंडागांव, जशपुर के क्षेत्रों में 16.34 हेक्टेयर में मूंग और कबीरधाम, जशपुर, बलरामपुर, राजनांदगांव, सरगुजा के क्षेत्रों में 120.31 हेक्टेयर में अरहर की फसल का उत्पादन किया जाता है।
जिलों में उपार्जन और भंडारण केंद्र
प्रदेश के कुल 20 उपार्जन केंद्रों में खरीदी की जाएगी। किसानों से समर्थन मूल्य पर मूंग, उड़द और अरहर की खरीदी के लिए सुविधाजनक क्रय व्यवस्था बनाने हेतु बलौदाबाजार जिले के बिलाईगढ़, गरियाबंद, महासमुंद जिले के बसना, दुर्ग, बेमेतरा जिले के थान खम्हरिया, कबीरधाम जिले के पंडरिया, राजनांदगांव, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही, जांजगीर जिले के बोड़ासागर, कोरबा, बलरामपुर जिले के राजपुर, सूरजपुर, सरगुजा जिले के अम्बिकापुर, जशपुर जिले के बगीचा, कोरिया जिले के मनेन्द्रगढ़, कोंडागांव, कांकेर, रायगढ़ जिले के लोहारसिंह-2, नारायणपुर में उपार्जन व भंडारण केंद्र बनाए गए हैं।
कार्यक्रम में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्वास्थ्य मंत्री टी.एस.सिंह देव, ताम्रध्वज साहू, मोहम्मद अकबर, प्रेमसाय सिंह टेकाम, कवासी लखमा, डॉ. शिवकुमार डहरिया, अमरजीत भगत, जयसिंह अग्रवाल, अनिला भेंड़िया, गुरु रूद्र कुमार, उमेश पटेल, मुख्यमंत्री के कृषि सलाहकार प्रदीप शर्मा, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. कमलप्रीत सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, डॉ. एस.भारतीदासन, अंकित आनंद, उपसचिव सौम्या चौरसिया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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