- फारेस्ट विभाग की टीम ने कल दो बंदरों को पकड़ा
- लोगों से अपील की गई : बंदरों को न छेड़ें, बचकर रहें

द सीजी न्यूज
उत्पाती बंदर ने आज फिर एक महिला को काट लिया। दादा-दादी-नाना-नानी पार्क के पास एक महिला को बंदर ने काट लिया, जिसके बाद महिला को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। फारेस्ट विभाग की टीम बंदर को पकड़ने लगातार सुबह से प्रयास कर रही है। झुंड से अलग हो चुका यह बंदर आज शाम 4 बजे कसारीडीह से पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर के आसपास ही दिखाई दिया। विधायक अरुण वोरा ने भी आज फारेस्ट अफसरों से चर्चा कर बंदर को पकड़ने कहा है। वोरा ने कलेक्टर से कहा है कि घायल लोगों को उचित मुआवजा दिया जाए।




पूर्व पार्षद प्रकाश गीते ने बताया कि रविवार से बंदरों का झुंड कसारीडीह सहित आसपास के वार्डों में उछलकूद कर रहे थे। बीते दो दिनों में पांच-छह लोगों को बंदर ने काट लिया जिसके बाद उन्हें अलग अलग अस्पतालों में भर्ती किया गया। झुंड के ज्यादातर बंदर अब नहीं दिख रहे हैं, लेकिन एक बंदर अभी भी उत्पात मचा रहा है। इसी बंदर ने आज एक महिला को काट लिया। सिविल लाइन वार्ड की पार्षद नजहत परवीन और गुरु घासीदास वार्ड के पार्षद प्रकाश जोशी ने भी घायल लोगों की सुध ली और इलाज आदि की जानकारी लेने के साथ ही फारेस्ट विभाग से तत्काल बंदर को पकड़ने कहा है।

दुर्ग और राजनांदगांव की फारेस्ट विभाग की टीम सोमवार को दोपहर से बंदरों को पकड़ने के लिए सक्रिय है। दर्जनों स्थानीय युवक भी बंदर पकड़ने के अभियान में फारेस्ट विभाग की टीम के साथ जुटे हैं। सोमवार को दो बंदरों को वन विभाग और स्थानीय नागरिकों ने पकड़ लिया। लेकिन सबसे ज्यादा आतंक जिस बंदर ने मचा रखा है, उसे अभी तक पकड़ा नहीं जा सका है।
पूर्व पार्षद प्रकाश गीते ने बताया कि राजनांदगांव से टीम बुलाई गई है। किसी ने बंदरों को परेशान नहीं किया। इसके बावजूद बंदरों ने लोगों को काट लिया। बंदरों ने लोगों के हाथ-पैरों में काट लिया, जिससे खून बहने लगा। हालत खराब होने के कारण उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। राजेश गुप्ता को चंदूलाल चंद्राकर अस्पताल में भर्ती किया गया है, जबकि श्वेता साहू और कुलेश्वरी यादव को जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। इनके अलावा नीलकंठ श्रीवास सहित दो अन्य लोगों को भी बंदरों ने काटा है।
कल दिन भर घबराहट और अफरातफरी का माहौल रहा, आज भी मची भागदौड़
बंदरों के आतंक के कारण कसारीडीह वार्ड में रविवार से शुरू हुआ भागदौड़ और घबराहट का माहौल आज भी बरकरार रहा। बंदरों के उत्पात और लोगों को काटने या झपट्टा मारने की घटनाओं से लोग घबरा गए। कुछ देर बाद स्थानीय लोगों ने बंदरों को पकड़ने का अभियान शुरू कर दिया। बाद में फारेस्ट की टीम आई और सोमवार की शाम तक दो बंदरों को पकड़ा जा सका।
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