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एक बच्ची की मौत के बाद भी अफसरों को नहीं आई शर्म … जहां पैचवर्क किया, वहां भी आवाजाही में परेशानी …

मिनी माता चौक से जेल तिराहा जाने के लिए बनी दुर्ग बायपास रोड का ऐसा हाल …

द सीजी न्यूज 

पिछले दो साल से ज्यादा समय से दुर्ग शहर की सड़कों की दुर्दशा हो चुकी है। बड़ी तादाद में लोग गड्‌ढे में गिरकर घायल हो रहे हैं। शहरवासी रीढ़ की हड्‌डी पर बुरा असर पड़ने से लेकर फेफड़े खराब होने, ब्रोंकाइटिस, सांस की बीमारियां और आंख व त्वचा संबंधी रोग का शिकार हो रहे हैं। अभी कुछ महीने पहले एक बच्ची मान्या की मौत हो चुकी है। (यह दर्दनाक हादसा भुलाए नहीं भूलता। इस बच्ची के साथ हुए दर्दनाक हादसे को याद करते ही आंखों में आंसू आ जाते हैं।) लेकिन, पता नहीं क्यों … पीडब्लूडी और नगर निगम के अफसरों को शर्म नहीं आती।

शहर की सबसे व्यस्ततम सड़क का हाल ऐसा … 64 करोड़ की लागत से हो रहा है रेनोवेशन … बिलिंग करोड़ों की, रोड का काम कौड़ियों का भी नहीं …

शहरवासी बेशुमार गड्‌ढे के कारण आवागमन की परेशानियां झेल रहे हैं। चीफ मिनिस्टर ने सितंबर से लेकर अक्टूबर माह तक कम से कम पांच अलग-अलग मौके पर अफसरों को सख्त निर्देश दिये हैं। सड़कों की हालत सुधारने कहा है। मगर दुर्ग शहर में हाल ही में पैचवर्क के नाम पर गड्‌ढों पर डामर का पैबंद लगाने के सिवा कुछ नहीं किया गया। पैचवर्क के पैबंदों से लोगों को कोई राहत नहीं मिल रही है। पैचवर्क के बाद सड़क पर अलग अलग लेयर बनने से लोगों को झटके लग रहे हैं। दुपहिया वाहनचालक अनबैलेंस होकर गिर रहे हैं।

सड़क का लेवल कम ज्यादा … महीनों से ऐसा हाल … कुछ स्थानों पर पैचवर्क के कारण तीन चार लेवल बन गए हैं।

भारी भरकम किस्म के भ्रष्टाचार में लिप्त अफसरों को न किसी बच्ची की मौत से कोई मतलब है। न गिरते, चोटग्रस्त होते लोगों की फिक्र। पूरा सिस्टम महज दिखावे का काम कर रहा है। कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा अपने मातहत अफसरों के साथ सड़कों का निरीक्षण कर निर्देश देते हैं … विधायक अरुण वोरा सड़कों की हालत दुरुस्त करने रोज बयान जारी करते हैं … लेकिन न कलेक्टर के कहने से कोई काम हो रहा, न विधायक के बयानों का कोई असर दिख रहा है। क्रियान्वयन कराने की बजाय सिर्फ दिखावेबाजी हो रही है। 

पीडब्लूडी मंत्री इसी शहर के नागरिक … अफसरों की बेपरवाही पर साध लिया मौन

गजब ये है कि पीडब्लूडी मंत्री ताम्रध्वज साहू भी इसी शहर में रहते हैं। मगर, शहर की जरा भी फिक्र नहीं करते। पिछले दो साल से ज्यादा समय से दुर्ग की सड़कें खस्ताहाल होने का मुद्दा उठ रहा है, लेकिन आज तक पीडब्लूडी मंत्री ने अपने अफसरों को काम में तेजी लाने के निर्देश नहीं दिये। 64 करोड़ की लागत से बन रहे जीई रोड की हालत सबसे ज्यादा खराब है लेकिन इसकी दुर्दशा दुरुस्त करने कोई एक्शन नहीं लिया। न सड़क पर उतरकर हालात का जायजा लिया, न अफसरों को निर्देश दिये, न शहरवासियों की फिक्र की।  

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