- सीएम भूपेश बघेल ने वर्चुअल कार्यक्रम में राज्य के गन्ना उत्पादक किसानों के खाते में ट्रांसफर किये 68 करोड़ 90 लाख रुपए
- गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों के खाते में 5.35 करोड़ रुपए की राशि का ऑनलाइन अंतरण
- गोबर खरीदी के एवज में गोबर विक्रेताओं को अब तक किया गया 179.28 करोड़ रुपए का भुगतान
- रबी सीजन में भी वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग को प्रोत्साहित करें
- स्वावलंबी गौठानों ने अब तक अपने संसाधनों से 24.15 करोड़ रुपए की गोबर खरीदी की
द सीजी न्यूज

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के स्वावलंबी गांवों की परिकल्पना धीरे-धीरे साकार हो रही है। गोधन न्याय योजना के तहत गांवों में बनाए गए गौठानों में से 3089 गौठान स्वावलंबी हो गए हैं। 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2022 तक गौठानों में क्रय किए गए गोबर के एवज में भुगतान की गई राशि में से लगभग 50 प्रतिशत राशि का भुगतान स्वावलंबी गौठानों द्वारा किया गया है। यह एक बड़ा बदलाव है। स्वावलंबी गौठानों ने अब तक अपने संसाधनों से 24.15 करोड़ रुपए की गोबर खरीदी की है।

मुख्यमंत्री आज अपने निवास कार्यालय में गोधन न्याय योजना के हितग्राहियों को गोबर खरीदी की राशि, महिला स्वसहायता समूहों और गौठान समितियों को लाभांश राशि व गन्ना उत्पादक किसानों को गन्ना प्रोत्साहन राशि के वितरण के लिए आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने खरीफ की तरह रबी सीजन में भी वर्मी कम्पोस्ट के उपयोग को बढ़ावा देने और गौठानों में गौ मूत्र की खरीदी को प्रोत्साहित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
अक्टूबर माह के आखरी पखवाड़े में खरीदे गए गोबर के एवज में कुल 4.69 करोड़ रुपए का भुगतान आज गोबर बेचने वाले ग्रामीणों और पशुपालकों को किया गया। इस राशि में से विभाग द्वारा 2.37 करोड़ रुपए और स्वावलंबी गौठानों द्वारा 2.32 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक सकारात्मक बदलाव है। राज्य सरकार की यही मंशा है कि आने वाले समय में सभी गौठान स्वावलंबी बने। वहां की गतिविधियों का संचालन गौठान समितियां अपने संसाधनों से कर सकें।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यक्रम में गोबर विक्रेता पशुपालक ग्रामीणों, गौठानों से जुड़ी महिला समूहों और गौठान समितियों को 5 करोड़ 35 लाख रुपए की राशि ऑनलाइन जारी की। गौठनों में 15 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक पशुपालक ग्रामीणों, किसानों, भूमिहीनों से क्रय किए गए 2.35 लाख क्विंटल गोबर के एवज में किया गया 4.69 करोड़ रुपए भुगतान किया गया। गौठान समितियों को 39 लाख और महिला समूहों को 27 लाख रुपए की लाभांश राशि का भुगतान किया गया। कार्यक्रम में कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे, स्कूल शिक्षा मंत्री डॉ प्रेमसाय सिंह टेकाम, छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष गिरीश देवांगन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रदीप शर्मा, कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ कमलप्रीत सिंह भी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि गोधन न्याय योजना के तहत आज भुगतान की गई राशि को मिलाकर गोबर विक्रेताओं को योजना के शुरू होने के बाद से अब तक 179.28 करोड़ रुपए का भुगतान किया गया है। अब तक गौठान समितियों और महिला स्व-सहायता समूहों को 164.24 करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि राज्य के 83 गौठानों में 4 रुपए लीटर की दर से अब तक 76 हजार 820 लीटर गौमूत्र क्रय किया जा चुका है। गौठानों में महिला स्व-सहायता समूहों द्वारा 24,348 लीटर कीट नियंत्रक ब्रम्हास्त्र और 18,722 लीटर वृद्धिवर्धक जीवामृत तैयार किया गया है, जिसमें से 20,521 लीटर ब्रम्हास्त्र और 14,055 लीटर जीवामृत की बिक्री से कुल 15 लाख रुपए की आय हुई। इस गतिविधि को और बढ़ावा देना चाहिए।
गन्ना उत्पादक किसानों को 68.90 करोड़ रुपए का भुगतान
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कार्यालय में कार्यक्रम में राज्य के गन्ना उत्पादक कृषकों को गन्ना प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 68 करोड़ 90 लाख रुपए की बोनस राशि का ऑनलाईन अंतरण किया। इस राशि में वर्ष 2020-21 के बोनस की 11.99 करोड़ रुपए की बकाया बोनस राशि और गन्ना पेराई वर्ष 2021-22 की 56.91 करोड़ रूपए की प्रोत्साहन राशि शामिल है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के सचिव अंकित आनंद, कृषि विभाग के विशेष सचिव डॉ. अय्याज एफ. तम्बोली, मिशन संचालक राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन अवनीश शरण, विशेष सचिव सहकारिता हिमशिखर गुप्ता, संचालक पशुधन चंदन संजय त्रिपाठी, कृषि विभाग के उप सचिव तूलिका प्रजापति भी उपस्थित थीं। विभिन्न जिलों से अनेक जनप्रतिनिधि और किसान भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कार्यक्रम से जुड़े।
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