द सीजी न्यूज
डोंगरगांव / भेंट मुलाकात के दौरान प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि छत्तीसगढ़ का कार्य लोगों के लिए नजीर है कि कैसे लोगों को आर्थिक रूप से मजबूत किया जा सकता है। सीएम ने कहा कि हर औद्योगिक केंद्र रीपा के लिए 2 करोड़ स्वीकृत किये गए हैं। युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने की दिशा में यह काफी महत्वपूर्ण होगा।
सीएम ने कहा कि चिटफंड में पैसा लगाने वाले 19000 लोगों को उनकी रकम वापस मिली। हालांकि यह संतोषप्रद नहीं है। यह कठिन कार्य है लेकिन हम जुटे हुए हैं। अन्य राज्य भी पूछ रहे हैं कि यह काम कैसे किया गया। यह कठिन कार्य है। राजनांदगांव से ही इसकी शुरुआत हुई। सहारा कंपनी की रिकवरी के बारे में किये गए सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने पैसा देने के लिए कुछ समय मांगा है। हमने कहा है कि आप निवेशकों का पैसा दें। इसके लिए कुछ मोहलत दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कल एक मजेदार घटना हुई। लोगों ने नरवा की मांग की। लाल बहादुर नगर में लोगों ने नरवा संरक्षण की मांग की। यह जागरूकता लोगों में है जो कि सबसे अच्छी बात है। इसका मतलब जमीनी योजनाओं का असर हो रहा है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि इस साल हम 10 अंग्रेजी के महाविद्यालय खोल रहे हैं। इससे शिक्षा का दायरा और बढ़ेगा। भेंट-मुलाकात को लेकर एक सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना काल की वजह से वे चाहकर भी प्रत्यक्ष रूप से जुड़ नहीं सके। सारे कार्यक्रम वर्चुअल हुए। इस दौरान अच्छी योजनाएं आरम्भ की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तर्री एनीकट में सभी प्रभावितों को मुआवजा मिलेगा। उन्होंने शासन की योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि हमारी कई योजनाएं तो ऐसी हैं कि घोषणापत्र में भी नहीं थीं। इंग्लिश मीडियम स्कूल, भूमिहीन श्रमिक योजना आदि योजनाएं काफी लोकप्रिय हुई।सबसे बड़ी बात यह कि हम कोरोना में संकट के दौर में लोगों के साथ खड़े रहे और उनके जेब में जनहित योजनाओं से पैसे डाले। संकट के समय खड़ा होना सबसे जरूरी है।
सीएम ने कहा कि हम लोगों को पैसे देते हैं ताकि अपनी वास्तविक आवश्यकता के आधार पर खर्च कर सके। हम उन्हें क्यों कहें कि हमारी रुचि पर खर्च करो। किसानों को पैसे दिए। वे अपनी खेती के लिए और जरूरी आवश्यकता के लिए इसका व्यय कर रहे हैं। इससे बेहतर क्या हो सकता है। बीएनसी मिल पुनः आरम्भ करने के प्रश्न पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में प्रयास किया गया है। जूट मिल यहाँ शुरू करने पर उद्योगपतियों से चर्चा की गई है, लगातार प्रयास जारी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल में जब छत्तीसगढ़ के मॉडल के बारे में बताते हैं तो लोग पुरानी पेंशन, गोधन न्याय, रीपा जैसी योजना को बहुत पसंद करते हैं।
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