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पेयजल योजनाओं पर साढ़े 3 सौ करोड़ खर्च के बावजूद पाइपलाइन में कैसे पहुंचा नालियों का गंदा पानी : फैल गया डायरिया : हो गई 2 की मौत : क्या भ्रष्टाचार की नाली में बहा दिये गए अरबों रुपए ???

द सीजी न्यूज

भिलाई के कैंप इलाके में डायरिया के लगभग 63 से ज्यादा मरीज मिले हैं। इलाज के दौरान 2 मरीजों की मौत के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया है। भिलाई नगर निगम में पानी सप्लाई सिस्टम की विस्तारित योजनाओं पर करीब 350 सौ करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। इसके बावजूद नालियों के बीच से पाइपलाइन गुजर रही है। पाइपलाइन में नालियों का गंदा पानी भरना डायरिया फैलने की वजह मानी जा रही है।

कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने मरीजों को तत्काल बेहतर इलाज करने अधिकारियों को दिये सख्त निर्देश

डायरिया से हुई मौतों के बाद पानी सप्लाई योजना पर राशि खर्च करने वाले जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों और अफसरों पर सवालिया निशान उठने लगे हैं। इलाके में कहा जा रहा है कि पानी का पैसा पानी की तरह बहाया गया लेकिन, गया कहां? क्या भ्रष्टाचार की नाली में बह गया पानी … 

प्रशासन हाई अलर्ट : कलेक्टर ने दिये अधिकारियों को सख्त निर्देश : फौरन करें बेस्ट ट्रीटमेंट  

 कल बुधवार को डायरिया के मरीज मिलने की जानकारी लगते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आया। दुर्ग के कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा ने इलाके का जायजा लिया। उल्टी एवं दस्त संक्रमित क्षेत्रों के लिए  स्वास्थ्य विभाग को कॉम्बैट टीम गठित करने के निर्देश दिये गए। संक्रमित क्षेत्रों में उचित प्रबंधन के लिए अस्पतालों को सूचना देते हुए हाई अलर्ट पर रखा गया है।

कल मिली जानकारी के अनुसार वर्तमान में शहरी खंड चिकित्सा अधिकारी  ने बताया कि शहरी क्षेत्र में कुल 48 प्रकरण पाए गए हैं, जिसमें विन्दानगर में 17, जेपी नगर में 16, संतोषी पारा में 2  अन्य आंकड़ों में 5 मरीजों का इलाज घर पर चल रहा है। 5 मरीज बीमारी से रिकवर कर गए हैं। शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैकुंठ धाम, सिविल अस्पताल सुपेला भिलाई, एसएस हॉस्पिटल भिलाई, जिला चिकित्सालय दुर्ग, स्पर्श हॉस्पिटल भिलाई, अंबे हॉस्पिटल पावर हाउस और बीएम शाह हॉस्पिटल भिलाई  में  वर्तमान में कुल 42  मरीज भर्ती थे। आज इनकी संख्या और बढ़ गई है।

कलेक्टर पुष्पेंद्र कुमार मीणा के मार्गदर्शन में नगर निगम व स्वास्थ्य विभाग आपसी समन्वय स्थापित कर संक्रमित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर रहे हैं। इसकी रोकथाम के लिए उचित प्रबंधन नीति पर कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा संक्रमित क्षेत्रों में स्क्रीनिंग करने के लिए सुपरवाईजर, मितानिन व  कॉम्बैट टीम का गठन कर किया गया है। क्षेत्र के आसपास के अस्पतालों को भी संक्रमण के संबंध में जानकारी उपलब्ध करा दी गई है ताकि वह बेहतर से बेहतर प्रबंधन आने वाले मरीजों को उपलब्ध करा सकें।

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