द सीजी न्यूज
छत्तीसगढ़ राज्य सिविल सप्लाई कारपोरेशन (नान) के प्रबंध संचालक द्वारा 2011 से वर्ष 2016 तक गोदाम में रखे गए चावल में सूखत की एवज में 57 करोड़ रु का भुगतान रोक दिया है। इस संबंध में नान का पत्र मिलने के बाद छत्तीसगढ़ स्टेट वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन के चेयरमेन अरुण वोरा ने समीक्षा बैठक में इस मामले को गंभीरता से लिया। वोरा ने इस पर आपत्ति जताते हुए कहा कि नान और स्टेट वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन एक दूसरे की पूरक संस्थाएं हैं। इस मामले में दोनों विभागों के अधिकारियों को सर्वमान्य हल निकालने कहा है।
वोरा ने कहा कि भंडारण के दौरान होने वाली अनाज की कमी के संबंध में भारत सरकार और सेंट्रल वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन द्वारा नियमों का निर्धारण किया गया है, जिसके दृष्टिगत नान को भी उन्हीं नियमों के आधार पर चलना चाहिए। नान व राज्य भंडारगृह निगम के अधिकारी संयुक्त रूप से बैठक करें और बेहतर तालमेल के साथ द्विपक्षीय सामंजस्य से मामले का हल निकाला जाए।
वोरा ने कहा कि भंडारण शुल्क में कटौती का एकपक्षीय निर्णय न्यायोचित नहीं है। उन्होंने इस संबंध में उच्चाधिकारियों से पत्र व्यवहार कर जल्द जल्द बैठक बुलाने के निर्देश दिये। वोरा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में यह मामला हुआ। इस मामले को लेकर राज्य शासन को देते हुए शासन स्तर पर हस्तक्षेप करने का आग्रह किया जाएगा। किसी भी प्रकार से वेयर हाऊसिंग कार्पोरेशन के व्यावसायिक और कर्मचारी हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
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