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प्रदेश में धान खरीदी का नया कीर्तिमान : आंकड़ा 100 लाख मीट्रिक टन के पार : मुख्यमंत्री और खाद्य मंत्री ने किसानों को बधाई दी

द सीजी न्यूज

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का रिकॉर्ड साल दर साल टूटता जा रहा है। राज्य में अभी धान खरीदी का एक पखवाड़ा बाकी है और खरीदी का आंकड़ा 100 लाख मीट्रिक टन पार हो गया है। धान खरीदी का यह नया रिकॉर्ड राज्य में खेती-किसानी और किसानों की समृद्धि का प्रतीक बन चुका है। राज्य में 17 जनवरी 2023 तक 100 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी 31 जनवरी 2023 तक चलेगी, इससे धान खरीदी का आंकड़ा और बढ़ेगा।

खाद्य मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में धान खरीदी शुरू से ही एक चुनौती रही है। बीते चार सालों में छत्तीसगढ़ सरकार ने इस चुनौती को तमाम तरह की परेशानियों, केंद्र के अड़ियल रवैये, बारदाने की आपूर्ति में व्यवधान के बावजूद अपने बलबूते पूरा किया है। राज्य में 100 लाख मीट्रिक टन धान की बिना किसी व्यवधान के खरीदी होना अपने आप में एक रिकॉर्ड है। भगत ने राज्य में धान खरीदी की व्यवस्था से जुड़े सभी अधिकारियों-कर्मचारियों सहित किसान भाईयों को बधाई देते हुए धान खरीदी से लेकर उठाव और कस्टम मिलिंग के लिए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की ओर से मिले सतत् मार्गदर्शन के लिए उनका आभार भी जताया। 

धान खरीदी

कर्ज माफी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना से खेती की ओर लौटे किसान

खाद्य मंत्री अमरजीत भगत ने राज्य में 100 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का आंकड़ा पार होने पर आज अपने निवास कार्यालय में मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों की ऋण माफी और राजीव गांधी किसान न्याय योजना लागू होने से किसान खेती की ओर वापस लौटने लगे है। यही वजह है कि वर्ष 2017-2018 की तुलना में राज्य में पंजीकृत नये किसानों की संख्या में 1.19 लाख, वर्ष 2019-2020 में 2.58 लाख, वर्ष 2020-2021 में 1.97 लाख और वर्ष 2021-2022 में 2.56 लाख की वृद्धि हुई है।

वर्ष 2022-2023 में धान विक्रय के लिए पंजीकृत कृषकों की संख्या 24.96 लाख हो चुकी है, जिसमें 2.30 लाख नए किसान शामिल है। इसी तरीके से धान के पंजीकृत रकबे में भी साल दर साल वृद्धि हुई है। वर्ष 2017-2018 में 24.46 लाख हेक्टेयर पंजीकृत रकबा, वर्ष 2022-2023 में 32.16 लाख हेक्टेयर हो गया है। राजीव गांधी किसान न्याय योजना के तहत चार किस्तों में मिलने वाली इनपुट सब्सिडी की राशि खेती के लिए मददगार साबित हुई है।

राज्य में चालू खरीफ सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का अनुमान है। धान खरीदी केन्द्रों में दिख रही किसानों की चहल-पहल और धान की आवक को देखते हुए धान खरीदी का आंकड़ा 110 लाख मीट्रिक टन के पार होने की संभावना है। इस साल धान बेचने के लिए 24.96 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, जिसमें से अब तक 22.48 लाख किसानों ने धान विक्रय किया है। किसानों को 20,375 करोड़ रुपए का भुगतान बैंक लिंकिंग व्यवस्था के तहत किया गया है। धान खरीदी के साथ-साथ कस्टम मिलिंग के लिए धान का उठाव निरंतर जारी है।

2617 धान उपार्जन केंद्र बने

गौरतलब है कि राज्य सरकार की किसान हितैषी योजनाओं से इन चार वर्षों में लगातार किसानों की पंजीयन में वृद्धि हुई है। इस वर्ष 24.96 लाख किसानों ने पंजीयन कराया है, इनमें 2.30 लाख नए किसान हैं। राज्य सरकार द्वारा इस सीजन में 110 लाख मीट्रिक टन धान खरीदने का अनुमान लगाया गया है। किसानों को धान विक्रय में सहूलियत के लिए से इस साल राज्य में 135 नए उपार्जन केन्द्र शुरू किए गए, जिसके कारण कुल उपार्जन केंद्रों की संख्या 2617 हो गई है।

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