द सीजी न्यूज
दुर्ग। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन विधानसभा क्षेत्रविासियों को बड़ी सौगातें दी है। उन्होंने आज विधानसभा मुख्यालय पाटन में आयोजित कार्यक्रम में 768 विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया। जिसमें 55 करोड़ 40 लाख 51 हजार रुपए के 137 कार्यों का लोकार्पण और 32 करोड़ 23 हजार रुपए लागत के 631 कार्यों का भूमिपूजन शामिल है। कार्यक्रम में शामिल होने के पहले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन के आत्मानंद चौक पर ब्रम्हलीन स्वामी आत्मानंद की मूर्ति पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किया। इस अवसर पर नगर पंचायत पाटन के अध्यक्ष भूपेन्द्र कश्यप, उपाध्यक्ष बलदाऊ भाले, आशीष वर्मा, छत्तीसगढ़ कर्मकार शिल्प बोर्ड के अध्यक्ष तरूण बिजौरा, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष राजेंद्र साहू, छत्तीसगढ़ खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के सदस्य हेमंत देवांगन विशेष रूप से उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पाटन स्थित नवनिर्मित स्वामी आत्मानंद ऑडिटोरियम का लोकार्पण भी किया। 3 करोड़ 35 लाख रुपए की लागत से निर्मित भवन में 260 व्यक्तियों की बैठने की व्यवस्था है। विभिन्न प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा। ऑडिटोरियम में मंचीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। ऑडिटोरियम पूरी तरह से वातानुकूलित है। सांस्कृतिक कार्यक्रम, समारोह और सम्मेलन होंगे। यह साउंड प्रूफ है।

समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि आज स्वामी आत्मानन्द जी की जयंती के अवसर पर विकास कार्यों का भूमिपूजन लोकार्पण किया गया। विगत 5 वर्षों में जो बदलाव हुए है, आज दिखाई दे रहे हैं। पानी, बिजली की पर्याप्त व्यवस्था की गई। आज केवल भौतिक विकास ही नहीं बल्कि, आर्थिक, सामाजिक शैक्षणिक, सांस्कृतिक सभी क्षेत्रों में विकास हुए है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ब्रम्हलीन स्वामी आत्मानंद जयंती पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि स्वामी आत्मानंद ने स्वामी रामकृष्ण परमहंस की भाव धारा को छत्तीसगढ़ की जमीन पर साकार किया और मानव सेवा व शिक्षा संस्कार की अलख जगायी।
स्वामी विवेकानंद के विचारों का आत्मानंद जी पर भी गहरा असर हुआ, जिससे उन्होंने अपना पूरा जीवन दिन-दुखियों की सेवा में बिता दिया। मठ और आक्रम स्थापित करने के लिए एकत्र की गई राशि उन्होंने अकाल पीड़ितों की सेवा और राहत काम के लिए खर्च कर दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी का समाज सुधारक और शिक्षाविद के रूप में छत्तीसगढ़ में बड़ा योगदान है। उनके मानव सेवा के क्षेत्र में किये गये कार्य अनुकरणीय और प्रेरित करने वालें है।
उन्होंने पीड़ित मानवता की सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया। उनके आदर्शों और विचारों से प्रेरणा लेकर राज्य सरकार आगे बढ़ रही है। स्वामी आत्मानंद जी ने वनवासियों के उत्थान के लिए नारायणपुर आश्रम में उच्च स्तरीय शिक्षा केन्द्र की स्थापना की। राज्य सरकार द्वारा इसी तर्ज पर जिला मुख्यालयों और विकासखण्डों में स्वामी आत्मानंद इंग्लिश और हिन्दी मीडियम स्कूल शुरू किये जा रहे हैं। प्रदेश में ग्रामीण सहित दूरस्थ अंचलों में 753 स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी व हिन्दी माध्यम के स्कूल संचालित हो रहे हैं।
विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम कालेज भी प्रारंभ किया जा रहा है। इस पहल को और आगे बढ़ाते हुए राज्य सरकार ने स्वामी आत्मानंद कोचिंग सेंटर योजना शुरू की है। इससे गरीब और दूरस्थ क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ आगे बढ़ने के सभी अवसर उपलब्ध हो सके। इस योजना के माध्यम से इंजीनियरिंग और मेडिकल की प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रदेश के 146 विकासखण्ड मुख्यालयों और 4 शहरों, रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर और कोरबा सहित 150 कोचिंग सेंटर के माध्यम से शासकीय स्कूलों में कक्षा 12वीं के विद्यार्थियों को निःशुल्क कोचिंग भी दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी आत्मानंद जी ने आदिवासियों के सम्मान एवं उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने के लिए अबूझमाड़ प्रकल्प की स्थापना की। नारायणपुर में वनवासी सेवा केन्द्र प्रारंभ कर वनवासियों की दशा और दिशा सुधारने की प्रयास किये गये है। राज्य सरकार ने भी उनके पदचिन्हों पर चलते हुए वनवासियों से वाजिब दामों पर वनोपजों की खरीदी कर राष्ट्रीय स्तर पर कीर्तिमान स्थापित किया है। उन्होंने अकाल के समय गर्भवती माताओं के लिए पौष्टिक भोजन की शुरूआत की जिससे कि बच्चे कुपोषित न हो। राज्य सरकार ने महिलाओं और बच्चों के लिए गर्म भोजन की व्यवस्था करते हुए कुपोषण मुक्त छत्तीसगढ़ गढ़ने का संकल्प लेकर मुख्यमंत्री कुपोषण अभियान की शुरूआत की है।
मुख्यमंत्री द्वारा लोकार्पित कार्यों में विद्युत विभाग के संभागीय कार्यालय का शुभारंभ, 2 करोड़ 43 लाख 59 हजार रुपए लागत से निर्मित 33/11 के.व्ही. नवीन उपकेन्द्र फुंडा, 2 करोड़ 29 लाख 47 हजार रुपए लागत से निर्मित 33/11 के.व्ही. नवीन उपकेन्द्र घुघवा (क), 2 करोड़ 94 लाख रुपए लागत से नगर पालिका कुम्हारी अंतर्गत निर्मित विभिन्न 28 विकास कार्य, 10 करोड़ 35 लाख 75 हजार रुपए लागत से मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजनांतर्गत स्वीकृत विभिन्न सड़क सीमेंटीकरण कार्य, 35 करोड़ 35 लाख 44 हजार रुपए लागत से नगर पंचायत पाटन अंतर्गत विभिन्न 103 विकास कार्य, 66 लाख 8 हजार की लागत से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मर्रा में 5 अतिरिक्त कक्ष व साईंस म्यूजियम इंडोर निर्माण कार्य और 1 करोड़ 50 लाख 86 हजार रुपए लागत से मर्रा में साईंस पार्क स्थापना का लोकार्पण शामिल है।
भूमिपूजन कार्यों में 9 करोड़ 16 लाख 62 हजार रुपए लागत के नगर पंचायत पाटन अंतर्गत विभिन्न 49 विकास कार्य, 31 लाख 61 हजार रुपए लागत के भंसुली (के) में मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य भाग 1, 19 लाख 63 हजार रुपए लागत के भंसुली (के) में मिनी स्टेडियम निर्माण कार्य भाग 2, 19 लाख 39 हजार रुपए लागत के अकतई (भाठापारा) में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रुपए लागत के जरवाय में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रुपए लागत के नवागाव (बी) में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रुपए लागत के बोरीद में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रुपए लागत के सांकरा में अटल समरसता भवन निर्माण, 19 लाख 39 हजार रुपए लागत के सुरपा में अटल समरसता भवन निर्माण, 16 करोड़ 91 लाख 6 हजार रुपए लागत के मुख्यमंत्री समग्र ग्रामीण विकास योजनांतर्गत विकासखंड पाटन के 491 कार्य, 4 करोड़ 4 लाख 97 हजार रुपए लागत के छ.ग.रा.ग्रा. एवं अ.पि.व. क्षेत्र विकास प्राधिकरण योजनांतर्गत विकासखंड पाटन के 82 कार्य तथा 20 लाख रूपए लागत के जंजगिरी में परीक्षेत्रीय साहू समाज भवन का भूमिपूजन शामिल है। जिले के चिटफंड कंपनी से संबंधित 3790 निवेशकों के जमा पूंजी 6 करोड़ 2 लाख 80 हजार रूपए राशि लौटाने की प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है। मुख्यमंत्री ने प्रतीकात्मक रूप से आज 4 निवेशकों को राशि का चेक प्रदान किया। इस अवसर पर जिला व जनपद पंचायत के पदाधिकारी, नगर के गणमान्य नागरिक, अधिकारी/कर्मचारी व बड़ी संख्या लोग उपस्थित थे।
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