- स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने किया उद्घाटन
द सीजी न्यूज
रायपुर। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय से संबंद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एसीआई के हार्ट, चेस्ट व वैस्कुलर सर्जरी विभाग को आईसीआईसीआई फाउंडेशन ने हृदय, फेफड़े तथा संवहनी तंत्र (सर्कुलेटरी सिस्टम) से जुड़े रोगों के उपचार के लिए छह अत्याधुनिक उपकरण कॉर्पाेरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व) के अंतर्गत उपलब्ध कराए है। मंगलवार को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग में स्थापित इन अत्याधुनिक उपकरणों का विधिवत् उद्घाटन किया।

उद्घाटन कार्यक्रम के अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरन्दर मिश्रा, विधायक रायपुर ग्रामीण मोतीलाल साहू, कमिश्नर चिकित्सा शिक्षा जनक प्रसाद पाठक, संचालक चिकित्सा शिक्षा डॉ. विष्णु दत्त, अधिष्ठाता चिकित्सा महाविद्यालय डॉ. तृप्ति नागरिया, अधीक्षक डॉ. एस. बी. एस. नेताम, पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. स्मिता श्रीवास्तव, सीटीवीएस विभागाध्यक्ष डॉ. कृष्णकांत साहू समेत आईसीआईसीआई फाउंडेशन के जोनल हेड विवेकानंद दुबे मौजूद रहे।

स्वास्थ्य मंत्री जायसवाल ने इन सभी उपकरणों का उद्घाटन करते हुए कहा कि आईसीआईसीआई फाउंडेशन द्वारा राज्य के सबसे बड़े शासकीय चिकित्सालय के कार्डियक सर्जरी विभाग को उपलब्ध कराए गए इन उपकरणों के माध्यम से हृदय, फेफड़े और संवहनी तंत्र के रोगों से पीड़ित मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा। इन मशीनों के माध्यम से ओपन हार्ट सर्जरी व बाईपास सर्जरी की सुविधा और भी आसान हो जाएगी।
विभागाध्यक्ष हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग डॉ. कृष्णकांत साहू ने उपकरणों के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हार्ट सर्जरी आईसीयू के लिए अत्याधुनिक ऑडियो/विजुअल अलार्म, ईसीजी, आरईएसपी, एसपीओटू, एनआईबीपी, आईबीपी, और सीसीओ के लिए कॉन्फिगर किए गए वयस्क/बाल चिकित्सा के एरिदिमिया विश्लेषण हेतु फिलिप्स कंपनी के छह नग मॉनिटर एक सेंट्रल स्टेशन समेत प्रदान किए गए है। इसके साथ ही स्वचालित कैग्युलेशन टाइमर (एसीटी), इकोकार्डियोग्राफ, एक्मो मशीन, वॉल्युमेट्रिक पम्प एवं छोटे सर्जिकल प्रोसीजर के लिए एलईडी युक्त स्पॉट लाइट विभाग में स्थापित किया गया है। ये सभी मशीनें अपने आप में बहुत ही एडवांस है। कार्डियक सर्जरी विभाग की शुरूआत वर्ष 2017 में हुई उसके बाद अब तक हृदय, छाती, फेफड़े और खून की नसों के 1250 ऑपरेशन हो चुके हैं।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal
