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कलेक्टर ने बारिश से फसल नुकसान का मुआवजा देने की कार्यवाही शीघ्र करने अधिकारियों को दिये निर्देश

  • बारिश से हुई फसल का नुकसान देखने कलेक्टर खेतों में पहुंची
  • बीमा कंपनी को टोलफ्री नंबर पर कृषक दे सकते हैं नुकसान की जानकारी
  • कलेक्टर ने कृषकों से रू-ब-रू चर्चा कर फसल क्षति की जानकारी ली
  • 72 घंटे के भीतर देनी होगी फसल क्षति की जानकारी

द सीजी न्यूज

दुर्ग / कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी ने बीते दिनों जिले में हुई बारिश से हुए फसल नुकसान का खेतों में जाकर जायजा लिया। इस दौरान कृषि एवं राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद थे। कलेक्टर चौधरी ने विकासखण्ड धमधा के बारिश प्रभावित गांव तुमाकला और खिलोराकला का भ्रमण कर कृषकों से रू-ब-रू चर्चा करते हुए फसल क्षति की जानकारी ली। उन्होंने कृषि एवं राजस्व विभाग के मैदानी अधिकारियों को प्रभावित गांवों में फसल क्षति का आंकलन शीघ्र पूर्ण कर कृषक सूची तैयार करने के निर्देश दिए।

राजस्व पुस्तक परिपत्र 6-4 एवं प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत प्रकरण तैयार कर मुआवजा/क्षतिपूर्ति की देने कार्यवाही शीघ्र पूर्ण करने निर्देशित किया। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना अंतर्गत मौसम रबी वर्ष 2023-24 हेतु गेंहू सिंचित, गेंहू असिंचित, चना और राई फसले अधिसूचित है। 42253 हेक्टेयर क्षेत्र के 29408 कृषकों का फसल बीमा आवरण किया गया है। जिले में स्थानीय आपदा अंतर्गत असामयिक वर्षा/ओलावृष्टि के कारण रबी फसलों जैसे चना और गेंहू फसल को क्षति हुई है। जिसमें विकासखण्ड धमधा के 127 ग्रामों में 9769.17 हेक्टेयर रकबा क्षेत्र में से चना फसल रकबा 4691.55 हेक्टेयर में लगभग 56 प्रतिशत और गेंहू फसल रकबा 5077.62 हेक्टेयर में लगभग 40 प्रतिशत क्षति हुई है।


उप संचालक कृषि एल.एम. भगत ने बताया कि कृषि विभाग के संयुक्त संचालक आर.के. राठौर और वे स्वयं धमधा विकासखण्ड के ग्राम घोठा, नंदवाय और हिरेतरा में कृषकों के प्रक्षेत्र का निरीक्षण कर उपस्थित कृषकों को स्थानीय आपदा से हुए क्षति की जानकारी 72 घंटे भीतर देने हेतु बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर सूचना देने की समझाईश दी गई है।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में बीमित कृषकों को स्थानीय आपदा की स्थिति जैसे अतिवृष्टि, ओलावृष्टि, भू-स्खलन, जलप्लावन, बादल फटना और प्राकृतिक आकाशीय बिजली से अधिसूचित फसल में नुकसान होने पर क्षतिपूर्ति का प्रावधान है। कृषक को क्षति पूर्ति का लाभ लेने हेतु बीमा कंपनी एचडीएफसी ईरगो जनरल इंश्योरेंस कंपनी के टोल फ्री नम्बर 1800-266-0700 एवं 14447 और व्हाट्सप नम्बर 7304524888 पर सीधे सूचना दे सकते है। इसके अलावा स्थानीय कृषि/राजस्व अधिकारी, संबंधित बैंक या जिला कृषि/राजस्व अधिकारी को लिखित रूप से निर्धारित समय-सीमा में 72 घण्टे के भीतर बीमित फसल के ब्यौरा जैसे क्षति की मात्रा एवं क्षति के कारण सहित सूचित कर सकते है।

उद्यानिकी फसलों की नुकसान के संबंध में किसान टोल फ्री नम्बर पर दे सकते हैं जानकारी

जिले में लगातार दो दिनों के बारिश के चलते जितने भी किसानों के फसलों के नुकसान हुआ है, वे अपने नुकसान की जानकारी बीमा कम्पनी के टोल फ्री नम्बर में दे सकते है। भारतीय कृषि बीमा कम्पनी के निर्धारित टोल फ्री नम्बर- प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना एवं मौसम आधारित फसल बीमा योजना के अंतर्गत निर्धारित टोल फ्री नम्बर 1800-419-0344 में फोन करके महत्वपूर्ण जानकारी जैसे किसान का नाम, फसल का नाम, जिले एवं ग्राम का नाम, खसरा नंबर एवं रकबा आदि बताकर किसान सूचना दर्ज करा सकते है।

उद्यानिकी विभाग के उपसंचालक से मिली जानकारी अनुसार योजनांतर्गत एडऑन कवर अंतर्गत ओलावृष्टि एवं चक्रवाती हवाएँ जोखिम को स्थानीय आपदा के रूप में सम्मिलित किया गया है। स्थानीय आपदा की स्थिति में कृषक घटना के 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना सीधे एग्रीकल्चर इन्श्योरेंस कंपनी लिमिटेड के टोल फ्री नंबर 1800-419-0344 पर या लिखित रूप में बीमा कंपनी, संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभाग के अधिकारी/कर्मचारियों को बीमित फसल के ब्योरे, क्षति की मात्रा और क्षति का कारण सहित सूचित करेगा।

सूचना प्राप्त होने के बाद 48 घंटे के भीतर संबंधित संस्था द्वारा बीमित फसल के ब्योरे क्षति की मात्रा तथा क्षति के कारण आदि की जानकारी से बीमा कपंनी को अवगत करायेंगे। फसल क्षति/हानि संबंधित सूचना मिलने पर क्रियान्वयक बीमा कंपनी क्षेत्र में फसल की हानि का आंकलन लगाने के लिए 48 घंटे के भीतर निर्धारित अर्हता रखने वाले हानि निर्धारकों की नियुक्ति करेगा तथा जिला स्तरीय संयुक्त समिति के द्वारा योजना के मार्गदर्शिका के प्रावधानानुसार 10 दिवस के भीतर क्षतिपूर्ति निर्धारित की जाएगी। बीमा कंपनी द्वारा 7 दिवस के भीतर प्रभावित कृषकों के आंकड़ों का सत्यापन योजना के वेबपोर्टल में किया जाएगा। बीमा कंपनी द्वारा क्षति आंकलन रिपोर्ट प्राप्त होने के 15 दिवस के भीतर क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान किया जाएगा।

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