द सीजी न्यूज

दुर्ग। भाजपा विधायक ललित चंद्राकर ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार को कांग्रेस के आंदोलन को फिजूल की सियासी कवायद बताया है। विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि कोरोना काल में प्रदेश के शराब के गोरखधंधे की कोचिया गिरी में लगी कांग्रेस सरकार ने रोजगार को नाम पर प्रतिभा सम्पन्न शिक्षित बेरोजगार युवकों को डिलीवरी ब्वॉय बनाने का शर्मनाक कृत्य किया। प्रतियोगी परीक्षाओं में पीएससी घोटाला करके युवकों के अधिकारों पर डाका डालने में कोई हिचक भूपेश सरकार को नहीं हुई। आज कांग्रेस नीट पेपर लीक मामले को मुद्दा बनाकर अपने बचे-खुचे राजनीतिक वजूद की जगहँसाई करा रही है।

दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने कहा कि आज हताश-निराश और अपने राजनीतिक वजूद के लिए छटपटाती कांग्रेस नीट पेपर लीक और रोजगार के नाम पर छत्तीसगढ़ को बरगलाने की नाकाम कोशिश कर रही है और यह सच्चाई खुद-ब-खुद गुरुवार को कांग्रेस के एक और फ्लॉप शो से सामने आई है। आखिर युवकों के साथ रोजगार, बेरोजगारी भत्ता के नाम पर अपने पूरे शासनकाल में छल-कपट करने वाली कांग्रेस आज फिर युवकों के हक की बात करके युवाओं को बरगला रही है, लेकिन प्रदेश का नौजवान कांग्रेस के इन पाखंडपूर्ण पैंतरों से वाकिफ है और वह कांग्रेस के इन सियासी झाँसों में नहीं आने वाला है।

ललित चंद्राकर ने कहा कि कांग्रेस को पहले अपनी पिछली सरकार के रोजगार के नाम पर झूठ-फरेब के लिए छत्तीसगढ़, विशेषकर बेरोजगार युवाओं से बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए। भूपेश सरकार ने लाखों बेरोजगार युवकों के साथ बेरोजगारी भत्ते के नाम पर धोखाधड़ी करने का पाप भी किया है।

ललित चंद्राकर ने कहा कि 2018 विधानसभा चुनाव के पूर्व राजनांदगांव में राहुल गांधी की मौजूदगी में घोषणा पत्र समिति के तत्कालीन अध्यक्ष टी.एस. सिंहदेव ने युवाओं के बारे में घोषणा करते हुए बताया था कि प्रतिवर्ष 10 लाख युवाओं को 2500 रुपए बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा, जिसे स्टाइपेंड कहा जाएगा। इसका सालाना बजट प्रतिवर्ष 3,000 करोड रुपए होगा यानी कि कुल 5 सालों में 15,000 करोड़ रुपए युवाओं को भुगतान किया जाना था, लेकिन युवाओं के लिए केवल 250 करोड़ रुपए की राशि आवंटित की गई। ललित ने कहा कि कांग्रेस नेता बताएँ कि युवाओं के हक के 14,750 करोड़ रुपए कहाँ गए ? क्या वह राशि भी भूपेश सरकार डकार गई ?

चंद्राकर ने हैरानी जताई कि नीट पेपर लीक मामले पर हायतौबा वह कांग्रेस मचा रही है, जिसने अपने शासनकाल में पीएससी प्रतियोगी परीक्षा में घोटाला करके युवाओं के सपनों को चूर-चूर तो किया ही, साथ ही उनके परिजनों तक के उन अरमानों को रौंदने का काम किया था, जो उन परिजनों ने अपनी सारी जमा-पूंजी, सम्पत्ति दाँव पर लगाकर अपने बच्चों के सुनहरे के भविष्य को लेकर संजोए थे। चंद्राकर ने कहा कि नीट पेपर लीक कांड को लेकर भाजपा सरकार पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ जाँच प्रक्रिया में जुटी है, बावजूद इसके कांग्रेस सस्ती और ओछी राजनीति करके प्रदेश के वातावरण को बिगाड़ने के मौके तलाश रही है।