द सीजी न्यूज
भिलाई। कल्याण कॉलेज में मंगलवार को एनएसयूआई के प्रदेश महसाचिव आकाश कनौजिया के साथ अन्य कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के केबिन में घुसकर प्राचार्य के ऊपर पर्चा फेंका। नेम प्लेट के ऊपर स्याही फेंक दी। एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्राचार्य को जूते-चप्पल की माला पहनाने की कोशिश करते रहे।
प्राचार्य कक्ष के अंदर आधे घंटे तक हंगामा जारी रहा। प्राचार्य के समझाने पर भी विधायक प्रतिनिधि ने उनकी बात नहीं मानी। इस दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ता लगातार प्राचार्य डॉ. विनय शर्मा को चप्पलों की माला पहनाने की कोशिश करते रहे। बाद में पुलिस बल ने हुडदंग मचा रहे नेताओं को केबिन से बाहर निकाला।
दरअसल चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी गोदावरी सिन्हा और तीरथी साहू ने प्राचार्य पर अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग करने का आरोप लगाया था। इसकी शिकायत भी की गई। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त को अचानक नौकरी समाप्त करने की जानकारी मिलने पर प्राचार्य कक्ष में गए। प्राचार्य ने उनके साथ अत्यंत अभद्र और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया। गाली-गलौज करते हुए गरिमा को ठेस पहुंचाई। प्राचार्य पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की।
महिलाओं ने बताया कि पिछले 18 सालों से कलेक्टर दर पर काम कर रही हैं। बिना किसी नोटिस या कारण बताए अचानक नौकरी से हटा दिया गया। जानकारी लेने के लिए प्राचार्य कक्ष में पहुंचने पर उन्हें अपमानित किया गया। इसी शिकायत के आधार पर मंगलवार को एनएसयूआई नेताओं ने कॉलेज पहुंचकर प्राचार्य का घेराव किया।
विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजिया प्राचार्य से लगातार महिलाओं को तत्काल नौकरी देने और उनसे सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग कर रहे थे। प्राचार्य ने कहा कि मामला अभी कमेटी के पास है।
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य के केबिन में जब प्रवेश किया, उस समय प्राचार्य छात्रों की परीक्षा के फॉर्म पर हस्ताक्षर कर रहे थे। फॉर्म विश्वविद्यालय भेजना था। एनएसयूआई नेताओं के स्याही फेंकने से फॉर्म खराब हो गया। प्राचार्य ने इसकी जानकारी हेमचंद यादव विश्वविद्यालय प्रबंधन को दे दी है।
प्राचार्य विनय शर्मा का कहना है कि अनुदान प्राप्त महाविद्यालय में लोग कई वर्षों से काम कर रहे थे। मई-जून में एग्जाम खत्म हो जाते हैं। उस समय कर्मचारियों की आवश्यकता नहीं पड़ती है। मैनेजमेंट से चर्चा कर और सुपरवाईजर की रिपोर्ट पर कुछ कर्मचारियों को हटाया गया। 9 लोगों की सेवाएं समाप्त की गई थी। प्रशासनिक समिति के अध्यक्ष की स्वीकृति भी ली गई थी। नया सत्र शुरू होने पर आवश्यकता के अनुसार कुछ लोगों को बुलाया गया।
प्राचार्य ने कहा कि मैंने कभी अभ्रद भाषा का प्रयोग नहीं किया है। गाली-गलौज नहीं की है। शिकायत निवारण समिति के सामने महिलाओं ने आवेदन दिया। कमेटी अभी जांच कर रही है। जब तक जांच प्रक्रिया पूरी नहीं होगी, तब तक इस पर निर्णय नहीं होगा। मैनेजमेंट के अनुसार आगे निर्णय लिया जाएगा।
भिलाई नगर विधायक प्रतिनिधि आकाश कनौजे ने कहा कि महिला के साथ प्राचार्य ने गाली-गलौज करते हुए कमरे से बाहर निकाला है। कई प्राध्यापकों और स्टाफ ने हमें बताया था कि प्राचार्य ने गाली दी है। महिला रोते-रोते बाहर आई थी। महिलाओं के साथ ऐसा व्यवहार करना ठीक नही है। प्रबंधन को महिला को नौकरी देना चाहिये और माफी भी मांगना चाहिये। स्याही उनके नेमप्लेट पर पोती है, उनके चेहरे पर नहीं।
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