द सीजी न्यूज
दुर्ग। शासन के सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत बीपीएल और एपीए राशन कार्ड के कई पात्र हितग्राहियों को पिछले दो-तीन माह से राशन दुकानों से राशन उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। हितग्राही राशन दुकानों व खाद्य विभाग का चक्कर काटने विवश है। हितग्राहियों की समस्याएं जस की तस बनी है। खाद्य विभाग की कार्यशैली के खिलाफ हितग्राहियों का आक्रोश बढऩे लगा है।
बुधवार को हितग्राहियों का खाद्य विभाग में देखने मिला। राशन न मिलने से नाराज हितग्राही बड़ी संख्या में खाद्य विभाग के कार्यालय में पहुंचे। खबर मिलने पर पूर्व विधायक अरुण वोरा और पूर्व महापौर आरएन वर्मा भी खाद्य विभाग के दफ्तर पहुंचे। उन्होने राशन दुकानों से राशन न मिलने को हितग्राहियों के साथ बड़ा अन्याय बताया। व्यवस्था सुधारकर तत्काल हितग्राहियों को राशन उपलब्ध कराने पर जोर दिया।
जनप्रतिनिधियों और हितग्राहियों की मुलाकात खाद्य नियंत्रक से नहीं हो पाई। उनकी अनुपस्थिति में सहायक खाद्य अधिकारी वसुंधरा गुप्ता ने बताया कि ई-केवायसी न कराने की वजह से हितग्राहियों को राशन का आबंटन नहीं हो मिल रहा है। परिवार के एक सदस्य का भी ई-केवायसी न होने की स्थिति पर राशन नहीं मिलेगा।
हितग्राहियों ने सहायक खाद्य अधिकारी से कहा कि अभी 6 महीने पहले ही परिवार के सदस्यों का ई-केवायसी कराया गया था। परिवार के बुजुर्ग सदस्यों व बच्चों का तकनीकी खामियों की वजह से ई-केवायसी नहीं हो पाया था। अगर परिवार के एक सदस्य का ई-केवायसी नहीं हुआ है, तो परिवार को राशन देना बंद किया जाना गरीब परिवार के साथ अन्याय है। राशन कार्डधारियों को राशन आबंटन कर राहत देना चाहिये।
सहायक खाद्य अधिकारी वसुंधरा गुप्ता ने बताया कि ई-केवायसी के इस समस्या के समाधान के लिए ई-केवायसी से छुटे परिवार के बुजुर्ग सदस्यों व बच्चों का आधार कार्ड व परिवार के राशन की छायाप्रति विभाग द्वारा एकत्रित की जा रही है। केवायसी से छूटे सदस्यों की लिस्टिंग कर समस्या समाधान के लिए शासन से मार्गदर्शन मांगा जाएगा, ताकि कोई भी पात्र हितग्राही राशन लेने से वंचित ना हो सके।
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