• अपर मुख्य सचिव ने कार्यों में लापरवाही बरतने वालों की दो वेतन वृद्धि रोकने के दिए निर्देश
  • लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री ने जल जीवन मिशन के कार्यों की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक ली

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गुरु रूद्रकुमार ने आज राजधानी स्थित नीर भवन में जल जीवन मिशन के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक में पीएचई मंत्री ने जमकर नाराजगी जताई। गुरु रूद्र कुमार ने पिछली विभागीय समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश के बावजूद कोई असर न होने पर भी असर न होने पर विभागीय अफसरों को कड़ी चेतावनी दी। पीएचई मंत्री ने कहा कि अधिकारी अपनी कार्यशैली में बदलाव लाएं, अन्यथा कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने कहा कि लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसमें किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सुब्रत साहू ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित कार्यों की जानकारी लेने के बाद अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। अपर मुख्य सचिव ने कहा कि पिछली बैठक के दौरान रेट्रोफिटिंग योजना की प्रशासकीय स्वीकृति लेने संबंधी कार्यों को 5 अक्टूबर तक शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए निर्देशित किया गया था। जिन जिलों में इसका क्रियान्वयन संतोषप्रद नहीं है और योजना का कार्य धीमी गति से चल रहा है, वहां के नोडल अधिकारियों की दो वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए।

अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की जानकारी को भारत सरकार की विभागीय वेबसाईट में नियमित रूप से दर्ज करने और जल जीवन मिशन के कार्यों को निर्धारित समय-सीमा से पहले पूर्ण कराने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान मिशन संचालक एस. प्रकाश ने बताया कि गरियाबंद जिले में संचालित जल जीवन मिशन के कार्यों का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। महासमुंद और जशपुर जिले में संचालित कार्यों की गति  धीमी है।