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भिलाई। अंचल के दंत रोग विषेशज्ञ डॉ. सूरज भावनानी का कहना है कि कोरोना अभी पूरी तरह से थमा नहीं है। इस संवेदनशील समय में शारीरिक सफाई के साथ-साथ दांतों और मसूड़ों पर भी विशेष ध्यान देना होगा। डॉ. सूरज ने कहा कि शारीरिक साफ-सफाई के साथ दांतो और मसूड़ों की सफाई पर भी विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि रात को सोते समय ब्रश करने और मसूड़ों की मालिश कर दांत व मसूड़ों को मजबूत बनाया जा सकता है।
मजबूत दांत व स्वस्थ मसूड़े बेहतर स्वास्थ्य की निशानी है। हर खाने-पीने वाली वस्तु जब चबाकर निगली जाती है तो कुछ अंश दांतों और मसूड़ों में परत बनकर छूट जाती है। इसे अगर अच्छी तरह साफ न करें या धोया न जाए तो मुंह के बैक्टीरिया सडऩे लगते हैं और मुख की दुर्गंध या दांतों की सडऩ और मसूड़ों का इंफेक्शन होने लगता है। मीठा खाने से यह स्थिति जल्दी होती है। यदि अधिक समय तक यह स्थिति रहती है तो दांतों में कीड़ा लगना और दांतों की ऊपरी परत का गलना शुरू हो जाता है, जो धीरे-धीरे दांतों में गढ्ढा और दांतों को धीरे-धीरे खोखला कर जड़ सहित दांतों को सड़ा देता है।
उन्होंने कहा कि चाय पीने के 2-3 मिनट बाद मुंह में दुर्गंध और फीलिंग बदल जाती है। यदि पानी से मुंह को गरारा कर दिया जाये तो फ्रेश लगता है। यदि दांतों में सडऩ या कीड़ा लगा है या मसूड़ों का इंफेक्शन है तो हर खाने-पीने की वस्तुओं के साथ यह गले और पेट में चला जाता है, जिससे टांसिल,गले का इंफेक्शन, गेस्ट्राइटिस व पेट और आंतों का इंफेक्शन हो सकता है। कई बार ज्यादा इंफेक्शन होने से यह हार्ट-बैक्टीरियल इंडोकार्डाइटिस भी होने की संभावना रहती है।
डॉ. सूरज भावनानी ने कहा कि मुख की दुर्गंध का असर सांसों में भी होता है जो नाक और फेफड़े के इंफेक्शन का कारण बन सकता है। पान, तंबाखू, गुटखा खाने वालों में दांतों पर परत जमने लगती है मसूड़ों का लचीलापन कम होकर कड़ापन होने लगता है जिसके दुष्परिणाम से मसूड़ों से खून निकलना, दांतों की जड़ें कमजोर होना और मुख कैंसर जैसी बीमारियां हो सकती है।
डॉ. सूरज ने कहा कि सोते समय ब्रश करें और मसूड़ों की मालिश करें। सादे पानी से मुंह और गला साफ कर सोएं। हर बार खाने, पीने के बाद मुंह और गले का सादे पानी से गरारा जरूर करें।
अगर दांतों और मसूड़ों का विकार है तो एक बार विशेषज्ञ चिकित्सक से जरूर परीक्षण करवाएं, ताकि दांतों के सडऩे और मसूड़े की बीमारियों से बचा जा सके। साल में एक बार दांतों की सफाई जरूर करवाएं। एक दांत का इंफेक्शन अन्य दांतों में फैल सकता है या एक दांत को निकलवाने से आस-पास या उसके ऊपर नीचे वाले दांतों की जड़ों में नुकसान पहुंच सकता है। इससे बचने के लिए निकाले गये दांत के स्थान पर नकली दांत अवश्य लगवाएं ताकि आस-पास के दांतों को बचाया जा सके। उन्होंने कहा कि अधिकांश व्यक्ति दांतों के उपचार में जागरूक नहीं रहते, जिससे दांतों और मसूड़े के विकार बढ़ते जाते हैं। इससे खाने-पीने का मजा ही समाप्त हो जाता है। बेहतरीन मुस्कान के लिए मसूड़ों को मजबूत और दांतों को साफ व स्वस्थ रखें।
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