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अधर में लटका ठगड़ा बांध पिकनिक स्पॉट का काम : मंत्रालय के अफसरों ने सवा साल से लटका रखी है फाइल

  • अफसरशाही हावी : निगम में जमा ब्याज की रकम खर्च करने की अनुमति भी नहीं दे रहे मंत्रालय में बैठे अफसर

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

क्या छत्तीसगढ़ शासन के नगरीय प्रशासन विभाग के अफसर दुर्ग नगर निगम के विकास कार्यों की फाइल रोक रहे हैं? क्या ऐसा जानबूझकर किया जा रहा है ? ये सवाल नगर निगम के प्रशासनिक गलियारों से होते हुए राजनीति के मैदान में गूंजने लगे हैं। ताजा मामला ठगड़ा बांध पिकनिक स्पॉट से संबंधित है। नगरीय प्रशासन विभाग न तो पिकनिक स्थल का निर्माण करने पूरी राशि जारी कर रहा है, न ब्याज निधि का पैसा खर्च करने की अनुमति दे रहा है। नगरीय प्रशासन विभाग के अफसरों की मनमानी का हाल ये है कि सवा साल से ज्यादा समय से इस फाइल को रोक दिया गया है।  

दरअसल, नगर निगम के बैंक अकाउंट्स में कई अलग-अलग योजनाओं के लिए मिले फंड की ब्याज की रकम जमा है। बीते ढाई दशकों में अलग-अलग योजनाओं के लिए मिली रकम तो खर्च कर ली गई, लेकिन फंड का ब्याज बैंक में ही जमा है। जानकारी के अनुसार यह रकम लगभग 15 करोड़ है। निगम के बैंक अकाउंट में इतनी बड़ी रकम जमा होने के बावजूद अफसर इसे खर्च नहीं कर पा रहे हैं। वजह ये है कि ब्याज निधि की रकम खर्च करने के लिए शासन से मंजूरी लेना आवश्यक है। नगरीय प्रशासन विभाग के अफसर मंजूरी देने की बजाय बार-बार टालमटोल करते हुए टाइम पास कर रहे हैं।

करीब सवा साल पहले तत्कालीन निगम आयुक्त इंद्रजीत बर्मन ने ठगड़ा बांध पिकनिक स्पॉट के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को पत्र लिखा। पत्र में कहा गया कि पिकनिक स्पॉट निर्माण के लिए पूरी राशि नहीं मिल पाई है। लिहाजा नगर निगम के बैंक अकाउंट में जमा ब्याज निधि की जमा राशि लगभग 15 करोड़ में से साढ़े चार करोड़ रुपए जारी करने की अनुमति दी जाए, ताकि पिकनिक स्पॉट का काम पूरा किया जा सके। नगरीय प्रशासन विभाग ने सवा साल बीतने के बाद भी इसकी अनुमति नहीं दी है।

मंत्रालय के एक वरिष्ठ अफसर का कहना है कि, सरकार का खजाना खाली है। बेहद जरूरी योजनाओं को छोड़कर अन्य योजनाओं के लिए फंड जारी नहीं किया जा रहा है। पिकनिक स्पाट निर्माण के लिए पूरी राशि जारी न होने की वजह यही है। अप्रैल में ही राशि जारी होने की संभावना है। निगम के बैंक अकाउंट में जमा ब्याज की रकम खर्च करने की अनुमति देकर काम पूरा कराया जा सकता है। दुर्ग नगर निगम का पत्र मिलने के बाद एक हफ्ते के भीतर अनुमति देने का काम हो जाना चाहिए था। कहना मुश्किल है कि आखिर किस पेंच की वजह से सवा साल से फाइल रोकी जा रही है। 

जानकारी के अनुसार इस मामले में विधायक अरुण वोरा, महापौर धीरज बाकलीवाल ने कई बार नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव डहरिया से आग्रह किया। डॉ डहरिया ने सूडा के सीईओ सौमिल रंजन चौबे को तत्काल अनुमति देने के निर्देश भी दिये, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। बाद में सौमिल रंजन चौबे से रूबरू मिलकर भी सारी बातें हो चुकी है।  उन्होंने सहमति भी जताई लेकिन स्थिति जस की तस है। बैंक अकाउंट में करोड़ों रुपए जमा होने के बावजूद निगम प्रशासन इस राशि का उपयोग पिकनिक स्पॉट निर्माण या अन्य विकास कार्यों के लिए नहीं कर पा रहा है।

सवाल ये है कि पिकनिक स्पॉट निर्माण के लिए पूरा फंड जारी क्यों नहीं किया गया ? 

अगर फंड नहीं दिया गया तो निगम के बैंक अकाउंट जमा ब्याज निधि की रकम खर्च करने की अनुमति क्यों नहीं दी जा रही है ? 

सवाल ये भी है कि अनुमति देने से संबंधित फाइल रोकने के पीछे क्या किसी अफसर का हाथ है ? या किसी पॉलिटिकल प्रेशर की वजह से फंड का उपयोग करने की अनुमति नहीं मिल रही है ? 

सवाल ये भी है कि कमीशनखोरी की रकम के बंटवारे में हुई झोलबाजी (इस पर विस्तृत खबर कल पढिये ) के कारण क्या पूरा मामला अटकाया जा रहा है? 

बड़ा सवाल ये है कि …

नवा छत्तीसगढ़ गढ़ने वाले मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कुछ अफसर राज्य सरकार पर कालिख क्यों लगा रहे हैं ? 

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