मुख्यमंत्री ने माता कर्मा के संदेश का उल्लेख करते हुए कहा कि यदि हमारे मन में अटूट विश्वास, श्रद्धा और समर्पण है, तो कोई भी ऐसा लक्ष्य नहीं है, जिसे हासिल ना किया जा सके। माता कर्मा ने यह साबित किया कि भक्त की श्रद्धा में यह शक्ति है कि भगवान को भी प्रकट होने पर विवश कर दे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्मा जयंती पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है, लेकिन इसके बाद कोरोना संकट के कारण भक्त माता कर्मा जयंती के समारोहों का आयोजन विगत दो वर्ष नहीं किया जा सका। अब स्थिति सामान्य होने पर फिर से सार्वजनिक और धार्मिक आयोजन शुरू हो गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन और समर्पण में शक्ति होती है, हमें भक्त माता कर्मा के रास्ते पर चलते हुए समाज को जोड़ने और समाज में कटुता को दूर कर सामाजिक समरसता और भाई चारे के लिए काम करना है। उन्होंने समाज द्वारा कर्मा धाम के लिए आरक्षित जमीन का पट्टा उपलब्ध कराने की मांग पर कहा कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विभिन्न समाजों को सामाजिक और शैक्षणिक कार्याें के लिए भवन निर्माण के लिए जमीन बाजार मूल्य के मात्र 10 प्रतिशत मूल्य पर दी जा रही है। साहू समाज भी इस दिशा में जल्द पहल करें।

 10 प्रतिशत मूल्य पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है,
गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने इस अवसर पर भक्त माता कर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए सभी के लिए मंगल कामना की। उन्होंने कहा कि सामाजिक संगठन, समरसता और भाई चारे का वातावरण बनाकर रखें और संगठन को मजबूत बनाकर आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सामाजिक और शैक्षणिक प्रयोजनों के लिए विभिन्न समाजों को मात्र 10 प्रतिशत मूल्य पर जमीन उपलब्ध कराई जा रही है, इसमें 90 प्रतिशत छूट दी जा रही है। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों को आयोजकों द्वारा प्रतीक चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया।