द सीजी न्यूज
छत्तीसगढ़ में बेहतर स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में नर्सिंग कालेजों का महत्वपूर्ण स्थान है। नर्सिंग कालेजों में पढ़ने से जहां स्टू़डेंट्स को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं, वहीं मेडिकल सेवाओं का विस्तार भी हो रहा है। छत्तीसगढ़ में तीन नर्सिंग कॉलेज ऐसे हैं, जहां उत्कृष्ट शैक्षिक व्यवस्था के साथ ही अन्य सुविधाओं का स्तर भी बेहद उम्दा है। इन कालेजों में कैंपस सलेक्शन के माध्यम से स्टूडेंट्स को करियर संवारने में बेहतरीन अवसर मिलते हैं।
दुर्ग : अपोलो कॉलेज ऑफ नर्सिंग
अपोलो महाविद्यालय कुल 7.5 एकड़ के परिसर में स्थित है, जिसमें एनाटामी फिजियोलॉजी,बेसिक, नर्सिंग लैब, इंटरनेट कनेक्शन युक्त लाईब्रेरी, सेमीनार हाल, छात्र-छात्राओं के लिए पृथक-पृथक छात्रावास सुविधा उपलब्ध है। महाविद्यालय में जी.एन.एम., बी.एस.सी. नर्सिंग, पोस्ट बेसिक नर्सिंग, एम.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित है।
छ.ग. शासन द्वारा अनु.जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है। नर्सिंग विद्यार्थियों के प्रायोगिक कार्य हेतु महावि़द्यालय कुल 2000 बिस्तरयुक्त चिकित्सालय पं. जे.एल.एन. हॉस्पिटल सेक्टर-9 भिलाई (1000 बिस्तर), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन, उपस्वास्थ्य केंद्र नगपुरा इत्यादि है। नर्सिंग महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु उच्च शिक्षित स्टाफ की सुविधा है। परिवहन हेतु स्वयं की बस और सर्वसुविधायुक्त छात्र-छात्राओं हेतु पृथक-पृथक छात्रावास महाविद्यालय परिसर में ही उपलब्ध है।
चिरमिरी : के.बी. पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग
के.बी. पटेल कॉलेज ऑफ नर्सिंग कुल 2.5 एकड़ के परिसर में स्थित है जिसमें एनाटामी फिजियोलॉजी, बेसिक, नर्सिंग लैब, इंटरनेट कनेक्शन युक्त लाईब्रेरी, सेमीनार हाल, कैम्पस सलेक्शन, परिवहन सुविधा के तहत स्वयं की बस और छात्राओं हेतु छात्रावास और मेस सर्वसुविधा महाविद्यालय परिसर में ही उपलब्ध है। महाविद्यालय में जी.एन.एम. और बी.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित है। छ.ग. शासन द्वारा अनु.जाति, अनु.जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है।
नर्सिंग विद्यार्थियों के प्रायोगिक प्रशिक्षण हेतु महाविद्यालय द्वारा जिला चिकित्सालय बैकुण्ठपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेन्द्रगढ़, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नागपुर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चिरमिरी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवा, एवं एस.ई.सी.एल. रिजनल हाॅस्पिटल गोदरीपारा इत्यादि जगह भेजा जाता है। इसके साथ ही महाविद्यालय द्वारा समय/समय पर समस्त गतिविधियाॅं करवाई जाती है। नर्सिंग महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु उच्च शिक्षित अनुभवी स्टाफ की सुविधा है। कैम्पस सलेक्शन से यहां के विद्यार्थी भारत के कीर्तिमान चिकित्सालय, कलकत्ता, पंजाब, दिल्ली, रायपुर, बिलासपुर, अम्बिकापुर, बैकुण्ठपुर, चिरमिरी व अन्य स्थलों पर कार्यरत है।
राजनांदगांव: कनफ्लुएंस कॉलेज ऑफ नर्सिग
कनफ्लुएंस महाविद्यालय कुल 2- एकड़ के परिसर में स्थित है जिसमें एनाटामी फिजियोलॉजी,बेसिक, नर्सिंग लैब, इंटरनेट कनेक्शन युक्त लाईब्रेरी, क्लास, सेमीनार हाल, सुविधा उपलब्ध है। महाविद्यालय में बी.एस.सी. नर्सिंग पाठ्यक्रम संचालित है। छ.ग. शासन द्वारा अनु.जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है।
नर्सिंग विद्यार्थियों के प्रायोगिक कार्य हेतु महावि़द्यालय कुल 500 बिस्तरयुक्त चिकित्सालय भारत रत्न स्व. अटल बिहारी वाजपेयी मेमोरियल गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल राजनांदगांव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घूमका, उपस्वास्थ्य केंद्र डुमरडीहखुर्द और सेंट्रल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरोसाइंसेज राजनांदगांव में दिया जाता है। नर्सिंग महाविद्यालय के प्राचार्य ने बताया कि विद्यार्थियों के अध्ययन हेतु उच्च शिक्षित स्टाफ की सुविधा है। परिवहन हेतु स्वयं की बस है।
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