- कृषि उपज मंडी में भी टेंडर घोटाला : नगर निगम दुर्ग में ऑनलाइन टेंडर वापस लेने पॉलिटिकल प्रेशर
- युकां नेताओं ने कार्यालय घेरा : ईई को कालिख पोतकर घुमाने की चेतावनी दी
द सीजी न्यूज
दुर्ग। कृषि उपज मंडी दुर्ग कार्यालय में निर्माण कार्यों के टेंडर के लिए भारी बवाल की स्थिति रही। यहां हालत ये है कि एक पॉवरफुल मंत्री के चहेतों को ही टेंडर फार्म दिए जा रहे हैं। इस पर नाराजगी जताते हुए युकां नेताओं ने मंडी कार्यालय का घेराव कर दिया। शुक्रवार को कई युकां नेताओं ने मंडी कार्यालय में निर्माण कायों का टेंडर फार्म किसी व्यक्ति विशेष की अनुशंसा पर ही देने का आरोप लगाया। नाराज युवा कांग्रेस नेताओं और ठेकेदारों ने ईई कार्यालय घेरने के बाद वहीं धरने पर बैठ गए।
युकां नेताओं की नाराजगी को देखते हुए मंडी बोर्ड के ईई खैरानी पिछले दरवाजे से निकले और बाईक पर सवार होकर कार्यालय से रवाना हो गए। युकां नेताओं ने न्याय न मिलने पर जिम्मेदार ईई को कालिख पोतकर घुमाने की चेतावनी दी है। इस मामले की शिकायत कलेक्टर से भी की जाएगी। युकां नेताओं और ठेकेदारों ने कहा है कि कलेक्टर से टेंडर निरस्त करने और ईई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य विपणन मडी बोर्ड द्वारा सितंबर माह में दुर्ग ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न कार्यों के लिए टेंडर जारी किया है। टेंडर के लिए आवेदन क्रय करने की अंतिम तिथि 22 सितंबर तय की गई थी। ठेकेदारों का कहना है कि आवेदन लेने पहुंचने वालों को 22 सितंबर को आने कहा गया। जब 22 सितंबर को ठेकेदार पहुंचे तो केवल एक व्यक्ति विशेष के चहेते लोगों को ही टेंडर के आवेदन फार्म दिये गए। बाकी लोगों को लौटाया जा रहा था। इससे नाराज होकर ठेकेदारों ने युकां नेताओं को इसकी जानकारी दी।
चेतावनी देने वाले युकां नेताओं में विक्रांत ताम्रकार, अखिलेश जोरी, विकास साहू सौगात गुप्ता, एश्वर्य देशमुख, दीपक निर्मलकर, खुमान निषाद, यशवंत देशमुख व अन्य ठेकेदार शामिल थे। युकां नेता विक्रांत ताम्रकार ने बताया कि ईई खैरानी ने दिन भर किसी के नाम की पर्ची लेकर पहुंचने वाले ठेकेदारों को ही आवेदन दिया। दूसरे ठेकेदारों ने जब आवेदन की मांग की तो जिले के एक पॉवरफुल मंत्री या उनके पुत्र से सिफारिश लिखवाकर लाने या उनके ओएसडी से फोन कराने कहा गया। ईई ने साफ कहा कि मंत्री की अनुशंसा के बिना फार्म नहीं दिये जाएंगे।
करीब 20 करोड़ के सवा सौ से ज्यादा कार्यों का टेंडर
मंडी बोर्ड द्वारा जारी टेंडर सूचना में करीब 20 करोड़ के 127 कार्य शामिल हैं। ये सभी कार्य दुर्ग ग्रामीण विधानसभा के गांवों में कराए जाने हैं। इनमें सामुदायिक भवन, धान खरीदी केंद्रों में भवन व शेड, सीसी रोड निर्माण शामिल है। ठेकेदारों ने आरोप लगाया कि मिलीभगत कर सिंडीकेट बनाकर चहेतों के नाम पर ठेके दिये जा रहे हैं।
नगर निगम दुर्ग में ऑनलाइन टेंडर में भी चला पॉलिटिकल प्रेशर
इधर, दुर्ग नगर निगम में ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में भी पॉवर गेम चला है। यहां आफलाइन तो छोड़िये, ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया में भी प्रेशर गेम चला। करीब डेढ़ माह तक मान मनौव्वल के साथ प्रेशर गेम चलने के बाद दो दिन पहले तीन टेंडर फाइनल कर दिये गए। सभी ऑनलाइन टेंडरों में चहेतों को ठेका देने बाकी ठेकेदारों से टेंडर वापस लेने दबाव बनाया गया। सिंडिकेट बनाकर चहेतों को ठेका देने के खेल करने में पॉलिटिकल दखलंदाजी का पता चला है।
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