- दीक्षांत समारोह में 68 विद्यार्थियों को शोध उपाधि व 48 को स्वर्ण मंडित पदक प्रदान किया गया
- जीवन के नये क्षेत्र में कदम रखने एवं महत्वपूर्ण निर्णय लेने का क्षण – राज्यपाल
- प्रदेश और केंद्र सरकार के सामन्जस्य से छत्तीसगढ़ बनेगा विकसित राज्य – मुख्यमंत्री
- मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय में यूटीडी और निर्माणाधीन भवन में आडिटोरियम निर्माण की घोषणा की

द सीजी न्यूज
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका औऱ मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मौजूदगी में आज दुर्ग के हेमचंद यादव विश्वविद्यालय का दूसरा दीक्षांत समारोह सम्पन्न हुआ । बी.आई.टी. के सभागार में आयोजित दीक्षात समारोह में 68 विद्यार्थियों को शोध उपाधि और 48 विद्यार्थियों को विभिन्न कक्षाओ में प्रावीण्य सूची में प्रथम आने पर स्वर्ण मंडित पदक प्रदान किया गया।

इस अवसर पर विधायक ललित चन्द्राकर, गजेन्द्र यादव व रिकेश सेन, शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास दिल्ली के सचिव शिक्षाविद डॉ. अतुल कोठारी, संभागायुक्त एस. एन. राठौर, आईजी आरजी गर्ग, कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी जितेन्द्र शुक्ला, कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा, कुलसचिव भूपेन्द्र कुलदीप, स्थानीय जनप्रतिनिधि व गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इससे पूर्व दीक्षांत शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायकगण, कुलपति व कुल सचिव और सम्मानित विद्यार्थी सम्मिलित हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल रमेन डेका ने कहा कि हेमचंद यादव विश्वविद्यालय दुर्ग छत्तीसगढ़ के दूसरे दीक्षांत समारोह का हिस्सा बनने के लिए आप सभी के बीच आना मेरे लिए बहुत खुशी की बात है। पीएचडी प्राप्त करने वाले सभी शोधार्थियों और अपनी-अपनी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए स्वर्ण पदक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देता हूं।
राज्यपाल डेका ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार वर्तमान शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 लागू कर रही है। एनईपी 2020 शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास की आवश्यकता पर जोर देता है। इसका उद्देश्य छात्रों को उद्यमिता के लिए तैयार करना है, और उन्हें ’नौकरी चाहने वाले’ बनने के बजाय ’नौकरी निर्माता’ बनाना है। अब आप सभी अपने जीवन के नये क्षेत्र में कदम रख रहे हैं। लगातार अधिक ज्ञान प्राप्त करने का प्रयास करें और साथ ही अपने सॉफ्ट स्किल्स को विकसित करने और एक अच्छा इंसान बनने के अलावा क्षेत्र में नवीनतम ज्ञान से खुद को अपडेट और लैस करें।

राज्यपाल डेका ने कहा कि “शिक्षा सबसे शक्तिशाली हथियार है जिसका उपयोग आप दुनिया को बदलने के लिए कर सकते हैं“ अब इसे साबित करना आपके ऊपर है। राज्यपाल ने कहा कि आप सभी को सलाह देता हूं कि बड़े पैमाने पर समाज के लिए काम करने का प्रयास करें और नवाचार, उद्यमिता और स्टार्ट-अप में योगदान दें जो समय की मांग है। राज्यपाल ने कहा कि छात्रों को अपनी शिक्षा का उपयोग समाज में बेजुबानों को आवाज देने के लिए, उत्पीड़ितों और कम भाग्यशाली लोगों के उत्थान के लिए काम करना चाहिए। राज्यपाल ने आज सम्मानित होने वाले सभी विद्यार्थियों को उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने उद्बोधन में अवगत कराया कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा शैक्षणिक सत्र 2024-25 से राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को पूरे प्रदेश में लागू कर दिया गया है। इससे हमारे विद्यार्थियों को न केवल अपनी रूचि के अनुसार विषय चुनने का अवसर मिलेगा बल्कि वे अपनी दक्षता के अनुसार अच्छी नौकरी प्राप्त कर सकेंगे अथवा स्वयं का व्यवसाय स्थापित कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत बनाने का लक्ष्य रखा है। इस लक्ष्य में छत्तीसगढ़ अपनी भागीदारी बढ़-चढ़कर निभाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि पीएमश्री योजना के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में पहले चरण में 193 प्राथमिक स्तर के स्कूल और 18 उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूल को विकसित किया जा रहा है। पीएमश्री योजना के तहत तीसरे चरण में छत्तीसगढ़ के 52 स्कूल स्वीकृत हुए है। पीएम-उषा योजना के माध्यम से प्रदान की गई 15 करोड़ रुपये की राशि से दुर्ग स्थित पोटियाकला में विश्वविद्यालय के नये भवन का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। जल्द ही विश्वविद्यालय अपने नये भवन में संचालित होने लगेगा। प्रदेश सरकार छात्र-छात्राओं के हित में अनेक कदम उठा रही है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग के माध्यम से शासकीय महाविद्यालयों में रिक्त सहायक प्राध्यापकों के पद भरे जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्ग के साइंस कॉलेज परिसर में ऑडिटोरियम निर्माण कार्य अधूरा है, इस संबंध में संबंधितों को इसे पूरा कराने निर्देशित किया गया है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय से सम्बद्ध 158 महाविद्यालयों में से एक दुर्ग साइंस कॉलेज को नैक बंगलुरू द्वारा ’ए प्लस’ ग्रेड मिला है। 4 अन्य निजी महाविद्यालयों को ’ए’ ग्रेड मिला है। इस विश्वविद्यालय के अधीन 09 महाविद्यालयों को ’बी डबल प्लस ग्रेड प्राप्त हुआ है। यह गौरव की बात है। हेमचंद यादव विश्वविद्यालय में लगभग एक हजार से अधिक पीएचडी हेतु शोधार्थी पंजीकृत है, जो कि अपने आप में एक रिकार्ड है। साय ने कहा कि प्रदेश सरकार ने छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षित युवाओं के हित को ध्यान में रखते हुए शासकीय सेवा के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 05 वर्ष की छूट की अवधि को पांच वर्ष के लिए और बढ़ा दिया है। युवाओं को इसका लाभ वर्ष 2028 तक मिलेगा। मुख्यमंत्री साय ने विश्वविद्यालय के कुलपति की मांग पर विश्वविद्यालय में यूटीडी और निर्माणाधीन भवन में ऑडिटोरियम निर्माण की घोषणा किया। समारोह में शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास दिल्ली के सचिव शिक्षाविद डॉ. अतुल कोठारी ने दीक्षांत भाषण दिया। कुलपति डॉ. अरूणा पल्टा ने स्वागत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सम्मानित विद्यार्थियों को दीक्षा शपथ दिलाई।
इस अवसर पर सम्भाग आयुक्त एस. एन. राठौर, आईजी आर. जी. गर्ग, कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी जितेंद्र शुक्ला,भूपेन्द्र कुलदीप कुलसचिव हेमचंद विश्वविद्यालय, अरुण अरोरा सहित जनप्रतिनिधिगण, जिला प्रशासन के अधिकारी, विश्वविद्यालय के सभी अधिकारी, पीएचडी की उपाधि प्राप्त करने वाले शोधार्थी और प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाले समस्त छात्र छात्राएं और उनके अभिभावक, गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।