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राशनकार्ड की सूची से कट गए 15,872 नाम : वेरिफिकेशन के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की

  • सरकारी कर्मचारी भी ले रहे थे योजना का लाभ

द सीजी न्यूज

दुर्ग। जिले में राशन कार्ड सत्यापन के बाद 1 जनवरी से 31 दिसंबर के बीच कुल 15,872 सदस्यों के नाम राशन कार्ड सूची से हटाए गए हैं। राज्य सरकार को जिले में एक लाख से अधिक फर्जी राशन कार्ड होने की सूचना मिली थी। इसके बाद खाद्य विभाग को व्यापक सत्यापन के निर्देश दिए गए थे।
सत्यापन के बाद जिले में करीब 15,872 हितग्राहियों के नाम सूची से हटाए गए हैं। पात्रता के आधार की पुष्टि न होने पर भी नाम काटे गए हैं। 25 लाख जीएसटी भुगतान करने वाले या सरकारी कर्मचारियों के नाम भी हटाए गए। नाम कटने का बड़ा कारण हितग्राहियों का स्वयं राशन कार्ड समर्पित करना रहा। परिवार के मुखिया की मृत्यु, अन्यत्र निवास और परिवार का पलायन होने के कारण भी राशन कार्ड से नाम कट गया।
सत्यापन के समय निवास पर न पाए जाने और मकान या भूखंड का निर्धारित सीमा से अधिक होने के कारण भी नाम हटाए गए। जांच में पता चला कि कई ऐसे कार्डधारियों के नाम हटाए गए हैं जिनके पात्रता के आधार की पुष्टि नहीं हो पाई थी। मृत्यु होने, आश्रित के नाम पर जारी राशन कार्ड, निर्धारित सीमा से अधिक मासिक आय वाले परिवार और शासकीय कर्मचारी होने के बावजूद राशन कार्ड में नाम जुड़वाने वाले व्यक्तियों के नाम भी हटा दिए गए। जांच के दौरान डबल राशन कार्ड होने, चार या तीन पहिया वाहन का स्वामित्व होने, अविवाहित होने और संयुक्त परिवार से संबंधित मामलों जैसे अन्य कारण भी सामने आए हैं, जिनके आधार पर नाम काटने की कार्रवाई की गई है।

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