द सीजी न्यूज
दुर्ग। नए पुलिस महानिरीक्षक अभिषेक शांडिल्य ने पदभार ग्रहण करने के बाद जिले के पुलिस अफसरों की पहली अहम बैठक लेकर अपराधियों पर लगाम कसने में ढिलाई न बरतने के सख्त निर्देश दिये। आईजी ने थाना प्रभारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि पुलिसिंग में ढिलाई न बरतें। अनुशासन, जवाबदेही के साथ काम करें। आईजी ने लुभावने विज्ञापन देकर ठगी करने वालों की सूची बना कर कड़ी कार्रवाई करें। गंभीर मामलों में टीआई खुद एफआईआर दर्ज करें। उन्होंने 90 दिनों में लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश भी दिये।
पुलिस नियंत्रण कक्ष में हुई इस बैठक में जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी शामिल हुए। बैठक के दौरान आईजी शांडिल्य ने अधिकारियों से परिचय लेने के बाद जिले की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधीनस्थ कर्मचारियों के कार्य, गतिविधियों और आचरण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए कहा कि पुलिस की छवि सीधे तौर पर आम जनता के विश्वास से जुड़ी होती है।
आईजी ने वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों पर विशेष चिंता जताते हुए कहा कि थाना स्तर पर सक्रिय निगरानी करते हुए शहर में संचालित व्यवसायिक संस्थानों, संदिग्ध कंपनियों और लुभावनी निवेश योजनाओं की पहचान की जाए। ऐसे संस्थानों का सर्वे कर सूची तैयार करें और आम नागरिकों को ठगी से बचाएं। उन्होंने साफ कहा कि गंभीर अपराधों, विशेषकर वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में थाना प्रभारी खुद अनिवार्य रूप से एफआईआर दर्ज करें। किसी भी स्तर पर टालमटोल या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
पुलिस थानों में लंबित धोखाधड़ी के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण करने के निर्देश भी दिये गए। एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों को जल्द निपटाने के निर्देश दिए गए। शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में समाधान और नए प्रावधानों के अनुसार पंजीबद्ध मामलों का 60 व 90 दिनों में निराकरण करने कहा गया। बैठक में उप पुलिस महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दुर्ग विजय अग्रवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मणिशंकर चंद्रा समेत सभी अधिकारी उपस्थित थे।
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