द सीजी न्यूज
दुर्ग। आरटीई के अंतर्गत निजी स्कूलों में नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 कक्षाओं में बच्चों का प्रवेश दिया जाता था, जिसे जो अब बंद कर दिया गया है। बच्चों को क्लास 1 से एडमिशन देने का निर्णय राज्य शासन ने लिया है। यह निर्णय अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और गरीब-मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों के भविष्य के साथ अन्याय है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने इस मामले को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया जताई है।
अय्यूब ने कहा कि यह निर्णय शिक्षा के अधिकार की मूल भावना के विपरीत है, जिसका उद्देश्य प्रत्येक बच्चे को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। आरटीई के माध्यम से हजारों लाखों जरूरतमंद बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रारंभिक शिक्षा का अवसर मिलता रहा है।
इस निर्णय से समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों की शिक्षा बाधित होगी। उनके उज्ज्वल भविष्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इस निर्णय पर पुनर्विचार कर नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 कक्षाओं में आरटीई के अंतर्गत प्रवेश की व्यवस्था को तत्काल दोबारा प्रारंभ किया जाए, ताकि सभी बच्चों को समान शिक्षा का अधिकार मिल सके।
इस निर्णय को वापस नहीं लेने पर कांग्रेस कार्यकर्ता अभिभावकों और शिक्षा से जुड़े लोगों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करेंगे। अय्यूब ने राज्य सरकार से मांग करते हुए कहा कि नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 में आरटीई प्रवेश को तत्काल बहाल किया जाए। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के बच्चों के शिक्षा अधिकार की सुरक्षा किया जाए। शिक्षा नीति में पारदर्शिता और समान अवसर की गारंटी दी जाए।
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