- कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कांग्रेस ने कई अहम फैसले किये
- साजिश के तहत वोटर लिस्ट से नाम हटाए जा रहे : खरगे
THE CG NEWS
दिल्ली में कांग्रेस कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है।
कांग्रेस ने तय किया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार को नहीं हटाया जाएगा, तब तक जमीनी स्तर पर लड़ाई जारी रहेगी।
कांग्रेस ने इस मुद्दे पर देशभर में प्रदर्शन करने के अलावा संसद में भी जोरशोर से यह मुद्दा उठाने की रणनीति तय की है।
बैठक में राहुल गांधी ने कहा – “मुख्य चुनाव आयुक्त पूरी तरह समझौता कर चुके हैं और देश की चुनाव व्यवस्था ‘फिक्स’ है। हाल के सभी चुनाव अवैध हैं। चाहे EVM हो या मतदाता सूची, दोनों से छेड़छाड़ की गई है। दोनों का इस्तेमाल भाजपा चुनाव जीतने की रणनीति के तौर पर कर रहे है।”
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने ज्ञानेश कुमार पर बड़ा आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार शुरू से मोदी सरकार की कठपुतली की तरह काम कर रहे हैं। पूरा देश अब जान रहा है कि वह भाजपा को लाभ पहुंचा रहे हैं, इसलिए अब उन्हें पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। ज्ञानेश कुमार को तुरंत पद से हटना चाहिए।
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और एसआईआर (SIR) और मतदाता सूची में कथित अनियमितता के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके इस्तीफे की मांग उठाई।
कांग्रेस ने मांग करते हुए कहा कि मतदाता सूची में हुए बदलावों का पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए। जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, उन्हें सूचना दी जाए और अपील करने का मौका दिया जाए। राजनीतिक दलों को सही फॉर्मेट में समय पर वोटर लिस्ट उपलब्ध कराई जाए। चुनावी प्रक्रिया से जुड़े डेटा में पूरी पारदर्शिता बरती जाए। लोकतंत्र और संविधान की रक्षा के लिए विपक्षी दलों के साथ मिलकर संयुक्त रणनीति बनाई जाए।
बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, संसदीय दल की चेयरपर्सन सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता व मुख्यमंत्री शामिल रहे।
बैठक में प्रस्ताव पास किया गया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार तत्काल इस्तीफा दें। SIR की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए। हटाए गए 13 करोड़ 30 लाख नाम बहाल किए जाएं। बैठक में 68 सदस्यों ने हिस्सा लिया।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा – SIR प्रक्रिया और चुनावी व्यवस्था के मामले में प्रधानमंत्री का हस्तक्षेप करना उनका कर्तव्य है। इस मुद्दे पर भारत के प्रधानमंत्री की नैतिक जिम्मेदारी बनती है। लेकिन उनके पास प्रधानमंत्री पद पर बने रहने की न तो नैतिक जिम्मेदारी है और न ही नैतिक अधिकार।”
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने कहा, “लोकतंत्र को बचाने के लिए पूरी कांग्रेस पार्टी और हमारा मानना है कि पूरे देश को खड़ा होना होगा। हम राहुल गांधी के साथ खड़े हैं। पूरी कांग्रेस पार्टी उनके साथ है और इस लड़ाई में सभी मिलकर आगे बढ़ेंगे।”
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal
