• जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी : भूपेश बघेल

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

20 अगस्त को नारायणपुर जिले के कड़ेमेटा और कड़ेनार के बीच सर्चिंग पर निकले आईटीबीपी के जवानों पर नक्सलियों द्वारा घात लगाकर किये गए हमले में आईटीबीपी की 45 वीं बटालियन के दो अफसर शहीद हो गए। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने हमले की घटना की निंदा की है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि हमारे जवानों की बहादुरी से नक्सलियों के हौसले पस्त हो गए हैं और वे अपनी अंतिम लड़ाई लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि जवानों की शहादत व्यर्थ नहीं जाएगी। नक्सली अपने इरादे में कभी भी कामयाब नहीं होंगे।
जिला नारायणपुर के कडेमेटा कैम्प से आईटीबीपी 45वीं वाहिनी का एक दल आसपास इलाके के डोमिनेशन के लिये कैम्प से रवाना हुए थे। दोपहर लगभग 12.10 बजे कडेमेटा से कडेनार के बीच बेंचा मोड़ में नक्सलियों द्वारा आईटीबीपी की पार्टी के ऊपर घात लगाकर फायरिंग किया गया। फायरिंग लगभग आधे घंटे तक चली। फायरिंग के दौरान आई टी बी पी के सहायक सेनानी सुधाकर शिंदे और सहायक उप निरीक्षक गुरुमुख सिंह गोली लगने से घटना स्थल पर ही शहीद हो गए। घटना के तत्काल बाद आसपास के इलाकों की सघन सर्चिंग के लिये डीआरजी और आईटीबीपी 45 वीं वाहिनी का संयुक्त बल रवाना किया गया।
शहीद सहायक सेनानी सुधाकर शिंदे और शहीद सहायक उप निरीक्षक गुरुमुख सिंह की अंतिम सलामी रक्षित केंद्र नारायणपुर में दी गई। इस दौरान बस्तर रेंज आईजी सुंदर राज पी, डीआईजी कांकेर रेंज बालाजी राव सोमावार, कलेक्टर नारायणपुर धर्मेश साहू, पुलिस अधीक्षक नारायणपुर उदय किरण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नीरज चंद्राकर, वरिष्ठ जनप्रतिनिधिग रजनु नेताम, देवनाथ उसेंडी, बृजमोहन अग्रवाल, जैकी कश्यप, रतन दुबे, पंकज जैन, सुदीप झा उपस्थित रहे।