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गांव-गांव में आर्थिक स्वावलंबन को देंगे बढ़ावा : भूपेश बघेल

  • शहरों में मिलेंगे अब गांवों के उत्पाद, मांग के अनुसार होगा उत्पादन
  • मुख्यमंत्री ने किया अंतर्राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी एवं किसान मेले का उद्घाटन

द सीजी न्यूज डॉट कॉम

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित चार दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी एवं किसान मेला का उद्घाटन किया। मुख्यमंत्री ने मेले का उद्धाटन करते हुए कहा कि पुरखों के बताए रास्ते पर चलने से कांटे नहीं चुभते हैं। प्रदेश के खनिज भंडार व प्राकृतिक संसाधनों से मिलने वाली राशि का सही वितरण ही पुरखों का सपना था जो वर्तमान में साकार हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने कभी किसी भी वर्ग से भेदभाव नहीं किया। छोटे, बड़े सभी किसानों का कर्ज माफ किया। हमने खेती किसानी और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए राजीव गांधी किसान न्याय योजना शुरू की, ताकि प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था गतिशील रहे।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने प्रदेश की जनता से वायदा किया था और वो इससे पीछे नहीं हटे हैं। कोरोना के दौरान अर्थव्यवस्था में गिरावट होने के बाद भी किसानों को चार किस्तें जारी की और इस वित्तीय वर्ष की भी चौथी किस्त जारी होने वाली है। मजदूरों के लिए भी न्याय योजना शुरू की गई है और अब उन्हें प्रतिवर्ष 6 हजार की जगह 7 हजार रुपए मिलेंगे।

शहरों में मिलेंगे अब गांवों के उत्पाद, मांग के अनुसार होगा उत्पादन गोबर से बने सूटकेस में बजट पेश करना मेरे लिए सौभाग्य की बातः मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने किया अंतर्राष्ट्रीय कृषि प्रदर्शनी एवं किसान मेले का उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में किसानों के खाते में 91 हजार करोड़ रुपए जमा हुए हैं और ये कुल बजट का एक तिहाई हिस्सा है जो किसानों को मिला है। आज किसानों के खाते में पैसे बच रहे हैं और इसी की वजह से गौठान औद्योगिक पार्क में विकसित होते जा रहे हैं। किसानों के बेटे, स्थानीय युवा अब छत्तीसगढ़ में उद्योग लगाएंगे और सरकार उन्हें आर्थिक मदद भी प्रदान करेगी। सी-मार्ट के जरिए गांवों में बनने वाले उत्पाद अब शहरों में बिकने शुरू हो गए हैं। प्रत्येक जिले में सी-मार्ट खोलने का निर्णय लिया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मांग के सिद्धांत को समझते हुए हमें जरूरत के अनुसार उत्पादन करना सीखना होगा, ताकि अर्थव्यवस्था में मांग बनी रहे। देश में केवल छत्तीसगढ़ में तीन हजार रूपए समर्थन मूल्य की दर से कोदो-कुटकी की खरीदी की जा रही है। छत्तीसगढ़ में 8  हजार से ज्यादा गौठान बन चुके हैं, लेकिन कहीं भी जमीन अतिक्रमण को लेकर कानून व्यवस्था नियंत्रित करने की स्थिति नहीं बनी। सुराजी ग्राम योजना के माध्यम से गांवों में स्वावलम्बन हो रहा है और किसान समृद्ध हो रहे हैं।

कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि का लगातार विस्तार होने और कृषि में नवाचार के लिए कृषि विश्वविद्यालय के प्रयासों की तारीफ की। किसानों को उनकी उपज का वाजिब मूल्य दिलाने और किसानो का कर्ज माफ करने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को धन्यवाद दिया। छत्तीसगढ़ के किसान हर सेक्टर में मेहनत कर रहे हैं और उन्हें केंद्र सरकार से अच्छा इंफ्रास्टक्चर मिलना चाहिए, क्योंकि छत्तीसगढ़ के उत्पादों की मांग अब विदेशों में भी हो रही है।

इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुरेन्द्र शर्मा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष अग्नि चन्द्राकर, कृषि उत्पादन आयुक्त कमलप्रीत सिंह, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति गिरीश चंदेल उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंत में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. आरके बाजपेयी ने सभी का आभार व्यक्त किया। अंतर्राष्ट्रीय मेले में शासकीय, सार्वजनिक और निजी क्षेत्र की 132 संस्थाएं कृषि तकनीक व उत्पादों का प्रदर्शन कर रही हैं।

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