इंदौर। इंदौर जिला कोर्ट ने उज्जैन में हुए विवाद और पिटाई के मामले में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और प्रेमचंद गुड्डू सहित 6 आरोपियों को एक-एक साल की सजा और 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। बाद में जिला कोर्ट ने 25-25 हजार रुपये के मुचलके पर दिग्विजय‍ सिंह और प्रेमचंद गुड्डू को जमानत दे दी। दिग्विजय सिंह ने कहा कि 10 वर्ष पुराना झूठा केस है। कोर्ट के इस फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।

2011 में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय‍ सिंह को काले झंडे दिखाने पर भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं की पिटाई की गई थी। इस मामले में दिग्विजय सिंह सहित प्रेम चंद गुड्डू, जय सिंह दरबार, मुकेश भाटी, असलम लाला, महेश परमार, अनंत नारायण मीणा को आरोपी बनाया गया था। इस मामले में भाजपा युवा मोर्चा के जयंत राव ने उज्जैन के जीवाजी गंज थाने में केस दर्ज कराया था। मारपीट के साथ अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। काले झंडे दिखाने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनकी पिटाई कर दी थी। इस मामले में एबीवीपी नेता अमय आप्टे ने खुद पर जानलेवा हमला की कोशिश करने का भी आरोप लगाया था।