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गौठान में वर्मी कपोस्ट खाद का उत्पादन, हैचरी, ब्रूडिंग हाउस, पोल्ट्री रैरिंग, बटेर पालन, सामुदायिक बाड़ी और स्व सहायता समूह द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न कार्यों का अवलोकन किया गया। जापानी अधिकारियों ने उपस्थित अधिकारियों के माध्यम से स्व सहायता समूह की महिलाओं से चर्चा भी की। गौठान पशुओं से लेकर मानव के लिए कैसे हितकर हो सकता है, इसका कांसेप्ट समझने के बाद उसकी सराहना की।

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जापानी अधिकारियों ने कहा कि ऐसा कांसेप्ट उन्होंने पहली बार देखा है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।  स्व- सहायता समूह की महिलाओं की आमदनी जानने के बाद उन्होंने प्रसन्नता जाहिर की और महिला सशक्तिकरण की दिशा में इसे एक सार्थक पहल कहा।

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दल के सदस्य गिरहोला में कृषक मयंक चौहान के खेत पहुंचे, जहां उन्होंने प्लग टाइप वेजिटेबल सीडलिंग और ड्रैगन फ्रूट की खेती देखी। खेती के एडवांस स्तर को देखकर जापानी अधिकारी प्रभावित हुए। भ्रमण दल में जीका हेडक्वार्टर टोक्यो से कोइडे सोटा डिप्टी डायरेक्टर जीका , मिस एच शशाकि कंट्री ऑफिसर और काओरी फ्रूयामा प्रतिनिधि जीका इंडिया, अनुराग सिन्हा प्रिंसिपल डेवलपमेंट स्पेशलिस्ट व अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित थे।