द सीजी न्यूज
श्रीलंका में कई महीनों से जारी आर्थिक संकट, महंगाई और जरूरी चीजों की किल्लत से परेशान जनता का प्रदर्शन अब फिर से उग्र हो गया है। शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति आवास घेर लिया। इसके बाद राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे आवास छोड़कर भाग खड़े हुए। इससे पहले मई में उग्र भीड़ ने राजपक्षे के छोटे भाई और पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे के कोलंबो स्थित सरकारी आवास को घेर लिया था, तब महिंदा ने परिवार समेत भागकर नेवल बेस में शरण ली थी।
परेशान जनता का गुस्सा इस कदर फूट रहा है कि आज आक्रोशित लोगों ने राष्ट्रपति भवन के भीतर घुसकर किचन समेत हर जगह बवाल मचाया। इससे पहले पुलिस ने हजारों प्रदर्शनकारियों की भीड़ को रोकने का प्रयास किया लेकिन बेरिकेडिंग तोड़कर लोग राष्ट्रपति के आवास में घुस गए और काफी तोड़-फोड़ मचाने के बाद भवन के हॉल-कमरों में घुस कर सैर-सपाटा करते रहे। प्रदर्शनकारियों ने कमरों के अंदर बिस्तरों पर खूब उछल-कूद किया। किचन में घुस कर शाही और लजीज खाने का स्वाद लिया। यहां तक कि राष्ट्रपति भवन के स्विमिंग पूल में उतर कर खूब मस्ती की और तैराकी के मजे भी लिए।
अप्रैल तक श्रीलंका में सरकार में राजपक्षे परिवार के पांच लोग शामिल थे। इनमें राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे, प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे, वित्त मंत्री बासिल राजपक्षे, सिंचाई मंत्री चामल राजपक्षे और खेल मंत्री नामल राजपक्षे थे। इनमें से गोटबाया को छोड़कर बाकी सब इस्तीफा दे चुके हैं। श्रीलंका के नेशनल बजट के 70 प्रतिशत हिस्से पर इन्हीं राजपक्षे भाईयों का सीधा कंट्रोल था। राजपक्षे परिवार पर 5.31 अरब डॉलर यानी 42 हजार करोड़ रुपए अवैध तरीके से देश से बाहर ले जाने का आरोप है। महिंदा राजपक्षे के करीबी अजित निवार्ड कबराल ने इसमें अहम भूमिका निभाई थी, जो सेंट्रल बैंक ऑफ श्रीलंका के गवर्नर थे।
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