Breaking News

अवैध प्लाटिंग के खिलाफ फिर चला प्रशासन का बुलडोजर : मनोज राजपूत ले आउट प्राइवेट लिमिटेड द्वारा सरकारी भूमि पर बनाए गए अवैध बाउंड्रीवाल को ढहाया

  • पड़ोस के विधायक के राईट हैंड के साथ पार्टनरशिप के कारण मिल रहा था संरक्षण
  • उच्च स्तरीय शिकायतों के बाद हुई सख्त कार्रवाई
  • डेढ़ साल पहले कार्रवाई करने निकले प्रशासनिक अफसरों को एक आईएएस अफसर के फोन पर वापस लौटना पड़ा था  

द सीजी न्यूज 

दुर्ग/ बायपास रोड टोल प्लाजा के पास मनोज राजपूत ले आउट प्राइवेट लिमिटेड की बाहरी संरचना को जिला प्रशासन व निगम प्रशासन के अमले ने शुक्रवार को ध्वस्त कर दिया। अवैध प्लाटिंग करने में माहिर मनोज राजपूत द्वारा बायपास के पास पाइपलाइन को अवरुद्ध कर नाले के मार्ग में कब्जा कर बाउंड्रीवाल बना ली गई थी। सीमांकन के बाद कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर बने बाउन्ड्रीवाल को तोड़ दिया गया।

कार्यवाही के दौरान एसडीएम मुकेश रावटे, भवन अधिकारी प्रकाश चंद थवानी, तहसीलदार प्रकाश सोनी, सहायक भवन अधिकारी गिरीश दीवान, दुर्ग थाना टीआई, मोहन नगर थाना टीआई, उड़नदस्ता प्रभारी शिव शर्मा, भवन निरीक्षक विनोद मांझी, विकास दमाहे सहित राजस्व विभाग व नगर निगम अमले के साथ भारी संख्या में पुलिस बल भी मौजूद रहा।

विधायक के राजनीतिक संरक्षण के कारण टलती रही कार्रवाई 

आपको बता दें कि मनोज राजपूत ले आऊट प्राइवेट लिमिटेड सहित अवैध प्लाटिंग करने वाले कई लैंड माफियाओं को राजनीतिक संरक्षण मिलने के कारण कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। मनोज राजपूत को पड़ोस के विधायक का राजनीतिक संरक्षण हासिल था। विधायक के खासमखास युवा कांग्रेस नेता के साथ पार्टनरशिप की खबरें लगातार उड़ती रही हैं। डेढ़ साल पहले नगर निगम और टाऊन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के अफसरों के साथ राजस्व विभाग की टीम ने यहां हो रही अवैध प्लाटिंग को लेकर मौके पर जाकर तोड़फोड़ करते हुए नोटिस जारी की थी। नोटिस से मिले जवाब का परीक्षण करने के बाद प्रशासन की टीम जब दोबारा तोड़फोड़ करने जा रही थी, उसी समय एक आईएएस अफसर का फोन आ गया। इसके बाद प्रशासन की टीम को वापस लौटना पड़ा।

उच्च स्तरीय शिकायत के बाद दूसरी बार हुई तोड़फोड़

इस मामले में उच्च स्तरीय शिकायत मिलने के बाद प्रशासनिक अफसरों ने पहले अवैध प्लाटिंग पर बुलडोजर चलाया। इसके बाद आज सरकारी जमीन पर बनी बाउंड्रीवाल को भी ढहा दिया गया। सूत्रों के अनुसार शिकायतकर्ताओं ने मीडिया में छपी खबरों और अन्य दस्तावेजी सबूत देते हुए शिकायत में कहा था कि किस तरह प्रशासन के एक अफसर द्वारा अवैध प्लाटिंग करने वाले मनोज राजपूत को राजनीतिक संरक्षण दिया जा रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि दूरदराज के इलाकों में किसानों द्वारा अपनी भूमि पर दो-चार प्लाट काटने पर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की जा रही थी, लेकिन जिला मुख्यालय में खुलेआम संरक्षण मिलने से कार्रवाई बार बार रोकी जा रही थी। इन शिकायतों के बाद दुर्ग के पटरीपार में आज दूसरी बार स्ट्रक्चर ढहा दिये गए।

Check Also

भिलाई चरोदा नगर निगम की मतदाता सूची में गड़बड़ी, 4 अधिकारियों को कारण बताओं नोटिस

THE CG NEWS दुर्ग,/ नगर पालिका आम निर्वाचन-2026 के लिए तैयार की जा रही निर्वाचक …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!