दुर्ग। लगातार बारिश के कारण शिवनाथ नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद भी संगीतमय नवधा नारायण पाठ का आनंद लेने महेश कॉलोनी दुर्ग के नागरिक पीछे नहीं रहे। राधा कृष्ण मंदिर महेश कॉलोनी में आयोजित रामायण पाठ का पं. गिरधर गोपाल असोपा व पं. सुशील आसोपा जोधपुर वाले द्वारा 13 से 21 अगस्त तक किया जा रहा है। पंडाल में घुटनों तक पानी भरने के बाद भी लोग संगीतमय रामायण पाठ का आनंद उठाते रहे।
जन्माष्टमी उत्सव पर महेश नगर में चल रहे रामायण पाठ को सुनने के लिए भक्तों की भीड़ लगातार बढ़ती जा रही है। यहां मंगलवार को चौथे दिन करीब 1500 से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। टेबल पर क्रमवार बैठकर सभी ने एक साथ रामायणजी का पाठ किया। इस भव्य आयोजन में शामिल होकर पुण्यलाभ लेने लोगों का उत्साह देखते ही बन रहा। मंगलवार को इसमें शामिल होने युवा से लेकर ऐसे बुजुर्ग भी पहुंचे जो चलने में असमर्थ हैं, लेकिन परिजनों के साथ व्हीलचेयर पर पहुंचकर पूरी श्रद्धा से पाठ किया।
इससे पहले आचार्य पं. पवन द्विवेदी के मार्गदर्शन में चल रहे विष्णु ऋषिकेश में मंत्रोच्चार के साथ आहुतियां डाली गई। खास बात यह है कि इस महायज्ञ में सर्वकल्याण की भावना से 9 दिन में 1 लाख 60 हजार आहुतियां पूर्ण की जाएंगी। इसमें भी सैकड़ों की संख्या में भक्त शामिल हो रहे। राधाकृष्ण मंदिर उत्सव समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आयोजन पूरी तरह निशुल्क है। नवधा रामायण पारायण पाठ में शामिल होने के लिए लोग मो. नंबर 7000729844 पर मैसेज या फिर संपर्क कर पंजीयन करवा सकते हैं। भक्तों के लिए सभी सुविधाएं मंदिर समिति की ओर से उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण के भजनों गूंजा पंडाल 
महेश नगर कॉलोनी में बने भव्य पंडाल में रामायण पाठ से पूर्व प्रभु श्रीराम और श्रीकृष्ण के भजनों से भक्ति की जा रही। यहां पारायणकर्ता पं. गिरधर गोपालजी असोपा और पं. सुशीलजी असोपा जोधपुर वालों के सानिध्य में रामायण पाठ के साथ भजन और प्रवचन का लाभ भी श्रद्धालु ले रहे। देर शाम को रामायण पाठ की समाप्ति के साथ रामायणजी की पूजा, महाआरती बड़े उत्साह और भक्तिमय वातावरण में की जा रही। मंगलवार को इसमें सैकड़ों भक्त शामिल हुए।
19 को भजन संध्या के साथ मनेगा जन्माष्टमी उत्सव 
महेश कॉलोनी में 19 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मोष्टमी पर भजन संध्या भी आयोजित की जाएगी, जो रात 8 से 12 बजे तक होगी। इसमें भजन सम्राट दिलीप षडंगी विशेष रूप से प्रस्तुति देंगे। साथ ही सुबह 5 बजे से मध्य रात्रि तक भगवान जन्मोत्सव मनाया जाएगा।