द सीजी न्यूज

रायपुर। भाजपा युवा मोर्चा कल बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का निवास घेरने जा रही है। माना जा रहा है कि पिछले साढ़े तीन साल में यह भाजपा का सबसे बड़ा प्रदर्शन होगा। इसी प्रदर्शन को लेकर भाजपा राष्ट्रीय महामंत्री और छत्तीसगढ़ प्रभारी डी पुरंदेश्वरी ने प्रेस कांफ्रेंस में विवादित बयान देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को श्राप है कि अगर वो सच बोलेंगे तो उनका सिर हजारों टुकड़ों में टूट जाएगा।
पुरंदेश्वरी ने प्रेस कांफ्रेंस में सबसे पहले भूपेश बघेल के जन्मदिन पर बधाई दी। उसके बाद कल होने वाले प्रदर्शन की जानकारी देते हुए कहा कि भाजपा युवा मोर्चा बेरोजगारी के मुद्दे को लेकर भूपेश सरकार को घेरेगी। सीएम भूपेश बघेल ने युवाओं के साथ किया वादा अब तक नहीं निभाया है। गंगाजल हाथ में लेकर तमाम बड़े वादे किए। अब गंगाजल लेकर ही जवाब दे कि कितने वादे निभाए।
पुरंदेश्वरी ने कहा बेरोजगारी भत्ता पर मैं पूछना चाहती हूं कि भूपेश बघेल श्वेत पत्र जारी करें। 10 लाख लोगों को 2500 रुपए भत्ता देने का वादा किया था। 1 लाख लोगों को रोजगार देने की बात कही थी। वे बताए कि कितने लोगों को अब तक रोजगार मिला। जब सरकार ने भर्ती निकाली तो 400 पदों के लिए 20 हजार और 90 पोस्ट के लिए 2 लाख से ज्यादा आवेदन आए। भाजपा युवा मोर्चा ने पंडाल लगाया तो उनके पास खुद 2 लाख 80 हजार आवेदन आए। भूपेश बघेल सर्वे की बात करते है कि छत्तीसगढ़ में सबसे कम बेरोजगार है तो इतने बेरोजगार युवा क्यों सामने आ रहे है।
ऐसा बयान शत्रुओं को भी नहीं दिया जाता – कांग्रेसविवादित बयान पर कांग्रेस संचार विभाग के प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। शुक्ला ने कहा कि उनको झूठ पर विश्वास है। आपको बता दें कि पुरंदेश्वरी ने बयान दिया है कि छत्तीसगढ़ में तीन सालों के दौरान 20 हजार लोगों ने आत्महत्या की है। इसमें से 50 प्रतिशत यानी 10 हजार युवाओं की खुदकुशी शामिल है। शुक्ला ने इस बयान को लेकर डी पुरंदेश्वरी से मांफी मांगने कहा है। उन्होंने कहा कि पुरंदेश्वरी ने अमानवीयता की हदों को पार कर दिया है। इस समय पूरा प्रदेश मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के दीर्घायु की कामना कर रहा है। उनके जन्मदिन पर शुभकामना दे रहा है, वहीं बीजेपी प्रभारी श्राप दे रही थीं। पुरंदेश्वरी इस बयान के लिए माफी मांगे। ऐसा बयान तो शुत्रुओं के संबंध में भी नहीं दिया जाता है। डी पुरंदेश्वरी इतना ज्यादा ओछी मानसिकता रखती हैं, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती।