नई दिल्ली। केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की अनुशंसा की है। यह तय हो गया है कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ेगा। बताया जा रहा है कि उन्होंने सीएम रहते हुए अपने नाम पर माइन्स लीज पर लिया था। पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और भाजपा ने इसे ऑफिस ऑफ प्रॉफिट और जन प्रतिनिधित्व कानून का उल्लंघन बताते हुए राज्यपाल रमेश बैस को लिखित शिकायत की थी।
रद्द हो सकती है हेमंत सोरेन की सदस्यता
इस शिकायत के बाद राज्यपाल ने केंद्रीय निर्वाचन आयोग से मंतव्य मांगा था। निर्वाचन आयोग ने इस मुद्दे पर सुनवाई के बाद राज्यपाल को भेजे गए प्रस्ताव में हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश की है। चुनाव आयोग के मंतव्य पर राज्यपाल का आदेश जारी होते ही हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता खत्म हो जाएगी। ऐसी स्थिति में उन्हें इस्तीफा देना पड़ेगा। हेमंत सोरेन जिस गठबंधन के नेता हैं, उसका विधानसभा में बहुमत है, इसलिए इस्तीफे के बाद वह नये सिरे से सरकार बनाने का दावा पेश कर फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं।
दुमका से सोरेन ने दे दिया था इस्तीफा
हेमंत सोरेन वर्ष 2019 के चुनाव में दो विधानसभा क्षेत्रों दुमका और बरहेट विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गये थे। बाद में उन्होंने दुमका विधानसभा क्षेत्र से इस्तीफा दे दिया था और बरहेट से विधायक बने रहने का निर्णय लिया था। उनके इस्तीफे से खाली हुई दुमका विधानसभा सीट पर उपचुनाव में उनके भाई बसंत सोरेन झामुमो के उम्मीदवार के रूप में विजयी हुए थे।
THE CG NEWS | Online hindi news in chhattisgarh Online hindi news portal
