Breaking News

झारखंड के विधायकों को दारू-मुर्गा खिलाने के रमन के आरोप पर सीएम भूपेश ने दिया तल्ख जवाब : … तब बोलती बंद क्यों थी? दूसरे राज्यों में चल रहे खोखा-खोखा पर भी कुछ कहें ?

द सीजी न्यूज 

रायपुर। झारखंड में सत्तापलट और आपरेशन लोटस चलाए जाने की संभावनाओं के बीच वहां के 32 विधायक रायपुर के मेफेयर रिसॉर्ट में ठहरे हैं। छत्तीसगढ़ कांग्रेस के नेता झारखंड के विधायकों को सुरक्षा के साथ उनकी आवभगत कर रही है। सीएम भूपेश बघेल ने आज सुबह हिमाचल प्रदेश के दौरे पर जाने से पहले एयरपोर्ट पर पूर्व मुख्‍यमंत्री डाक्टर रमन सिंह के झारखंड के विधायकों को दारू मुर्गा खिलाने के आरोपों का जवाब दिया।

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि डाक्टर रमन को यह देखना चाहिए कि मध्यप्रदेश के विधायक, कर्नाटक, राजस्थान , महाराष्ट्र के विधायकों को जब उठाकर ले जाया गया, तब वो चुप क्यों थे। उनकी बोलती बंद क्यों थी, उन्हें उसी समय बोलना चाहिए था कि ये तो हमारी पार्टी के लोग हैं। भूपेश ने कहा कि रमन सिंह को इसलिए बेचैनी हो रही है कि उनकी पार्टी अब विधायकों की खरीद-फरोख्त नहीं कर पाएगी। झारखंड से आए विधायक हमारे गठबंधन के विधायक हैं। वे छत्तीसगढ़ में ठहरे हैं।

भूपेश ने तल्ख लहजे में कहा कि अन्य राज्यों में जब खरीद फरोख्त हो रही थी डॉक्टर रमन सिंह चुप क्यों थे ? बोलती बंद क्यों थी? जिस प्रकार से महाराष्ट्र में बात चल रही है पचास खोखा, झारखंड में बात चल रही है बीस-बीस खोखा, रमन सिंह जी उसके बारे में बताएं। सीएम ने आगे कहा कि चुनाव आयोग से पत्र मिलने के बावजूद राज्यपाल ने झारखंड में कुछ निर्णय नहीं लिया है। इसका मतलब है कि वहां कुछ न कुछ पक रहा है। 

इससे पहले छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा नेता डॉ. रमन सिंह ने गाड़ी में शराब की बोतलें मिलने का वीडियो ट्वीट किया। उन्होंने लिखा, “भूपेश जी कान खोलकर सुन लीजिए ! छत्तीसगढ़ अय्याशी का अड्डा नहीं है, जो छत्तीसगढ़ियों के पैसे से झारखंड के विधायकों को दारू-मुर्गा खिला रहे हैं। असम, हरियाणा के बाद अब झारखंड के विधायकों का डेरा। इन अनैतिक कार्यों के लिए छत्तीसगढ़ महतारी आपको कभी माफ नहीं करेगी।” इसी के जवाब में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पलटवार किया।    

आपको बता दें कि झारखंड में सियासी संकट के बीच महागठबंधन के सभी विधायकों को कांग्रेस शासित राज्य छत्तीसगढ़ ले जाया गया है। झारखंड में मुख्यमंत्री निवास से विधायक दोपहर 2 बसों में रांची एयरपोर्ट के लिए निकले थे। सीएम हेमंत सोरेन खुद बस में विधायकों के साथ थे। विधायकों का सामान उनसे पहले ही एयरपोर्ट पहुंचा दिया गया था। महागठबंधन के 32 विधायकों में कांग्रेस से 12, झामुमो के19 और राजद के 1 विधायक शामिल हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रद्द होने की आशंका और विधायकों की खरीदफरोख्त  की आशंका के कारण ऐसा किया गया है। 81 सदस्यों वाली झारखंड विधानसभा में सत्तारूढ़ महागठबंधन के 49 विधायक हैं।
राज्यपाल ने चुप्पी साध ली
चुनाव आयोग ने 25 अगस्त को राज्य के राज्यपाल रमेश बैस को अपना निर्णय भेजा है। चुनाव आयोग के फैसले को अभी तक आधिकारिक नहीं बनाया गया है। चर्चा थी कि चुनाव पैनल ने मुख्यमंत्री की विधायक के रूप में अयोग्यता की सिफारिश की है। यूपीए के विधायकों ने राजभवन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। महागठबंधन के विधायकों ने 28 अगस्त को संयुक्त बयान जारी कर राजभवन पर आरोप लगाया था कि सीएम सोरेन पर किसी निर्णय की घोषणा न कर राज्यपाल जानबूझकर विधायकों की खरीद-फरोख्त को बढ़ावा दे रहे हैं।

Check Also

टाउनशिपवासी बोले – डॉयलागबाजी की बजाय केंद्रीय इस्पात मंत्री या बीएसपी प्रबंधन से करें सार्थक चर्चा करें … बलिदान देने की बयानबाजी बेतुकी …

द सीजी न्यूज लीज, रिटेंशन और लाइसेंसधारकों को बीएसपी प्रबंधन की नोटिस मिलने के मुद्दे …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!