द सीजी न्यूज
मेघालय के राज्यपाल मलिक को तीखे तेवर के लिए जाना जाता है। उन्होंने उप राष्ट्रपति को लेकर बड़ा बयान दिया है। राजस्थान में पत्रकारों से बातचीत में सत्यपाल मलिक ने कहा – ‘जगदीप धनखड़ डिजर्व करते हैं इस पद के लिए, लेकिन मुझे भी इशारे किए गए थे कि यदि मैं सच बोलना बंद कर दूंगा तो मुझे उप राष्ट्रपति बना देंगे. लेकिन मैंने कह दिया. मैं ऐसा नहीं कर सकता।
देश में गैर बीजेपी नेताओं पर डाले जा रहे ईडी, आईटी और और सीबीआई के छापों को लेकर भी मलिक ने आगे कहा कि – बीजेपी में काफी लोग ऐसे हैं, जिन पर ईडी, सीबीआई, आईटी के छापे पड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इन बीजेपी वालों पर भी छापे डलवा देने चाहिए। लेकिन ऐसा हुआ नहीं है। यही कारण है कि देश में इन एजेंसियों को लेकर अलग माहौल बन गया है।’
राहुल गांधी की तारीफ की
सत्यपाल मलिक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि अच्छा है। एक नौजवान अपनी पार्टी के लिए काम कर रहा है। एक नेता पैदल तो चल रहा है, जबकि आज के वक्त में ऐसा कोई नहीं करता। उनकी भारत जोड़ो यात्रा से क्या मैसेज जाता है, वो तो जनता बताएगी। लेकिन उन्हें यह काम ठीक लग रहा है।
जेब में रखा है इस्तीफा
सत्यपाल मलिक ने यह भी कहा कि जब से किसान आंदोलन शुरू हुआ है, तब से उन्होंने अपना इस्तीफा अपनी जेब में तैयार रखा है। जब भी प्रधानमंत्री उनसे ऐसा करने के लिए कहेंगे, वह तुरंत अपना इस्तीफा सौंप देंगे। वे राज्यपाल का कार्यकाल समाप्त होने के बाद किसानों के बीच जाएंगे। वे किसानों की लड़ाई में उनका साथ देंगे। किसान को बेवकूफ समझने की भूल की जा रही है। जबकि कहावत है कि बेपढ़ा जाट पढ़ा जैसा, पढ़ा जाट खुदा जैसा। इसलिए किसान बड़ी होशियार कौम है। किसान आंदोलन से जुड़े लोग भी होशियार हैं। मैं उनकी पूरी मदद करूंगा। जहां पर भी किसानों की लड़ाई होगी, वहां जाऊंगा।
अडानी पर ये कहा
मलिक ने कारोबारी गौतम अडानी की बढ़ती संपत्ति को लेकर भी हमला बोला। अडानी की संपत्ति बढ़ रही है तो किसानों की आमदनी नीचे जा रही है। अडानी तीसरे नंबर के अमीर बन गए हैं। लोगों में यह चर्चा है कि अडानी का साथ सरकार दे रही है। वर्तमान हालातों को देखते हुए नहीं लगता कि सरकार MSP पर कोई फैसला लेगी, इसलिए किसानों को फिर से आंदोलन करना पड़ेगा। उन्होंने कहा – इस बार वे खुद आंदोलन में शामिल होंगे।
राजपथ का नाम बदलने की जरूरत नहीं थी
राजपथ के कर्तव्य पथ किए जाने को लेकर मलिक ने व्यंग्य कसा और कहा कि पीएम हर तीसरे दिन कोई न कोई उद्घाटन करते रहते हैं। शायद उस दिन कुछ नहीं होगा इसलिए राजपथ का नाम बदल दिया। राजपथ का नाम कर्तव्य पथ रखने की कोई जरूरत नहीं थी। राजपथ नाम भी ठीक था। बोलने में अच्छा था।
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