बजरंग दल को लेकर कर्नाटक में शुरू हुई सियासत का रंग पूरे देश में चढ़ने लगा है। कर्नाटक में 2 मई को कांग्रेस ने राज्य में बजरंग दल को बैन करने का वादा किया। इसके तुरंत बाद पीएम मोदी ने कहा कि कांग्रेस ने पहले श्रीराम को ताले में बंद किया, अब बजरंगबली को बंद करने की बात कह रहे हैं। पीएम ने यहां अयोध्या में राम लला मंदिर वाली घटना का जिक्र किया, उस वक्त कांग्रेस की सरकार थी। इधर, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ने कहा कि कांग्रेस ने बजरंग दल पर बैन लगाने की बात कही है, बजरंगबली पर नहीं। बजरंगबली के नाम से कुछ लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
भूपेश बघेल ने आगे कहा कि जरूरत पड़ी तो छत्तीसगढ़ में भी बजरंग दल को बैन करेंगे। अभी कर्नाटक की समस्या के हिसाब से वहां बैन करने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि जो चीज पाकिस्तान की है, पीएम मोदी उसे भारत का बता देते हैं। यहां बजरंग दल पर बैन लगाने की बात कही गई है, बजरंग बली पर नहीं। बजरंगबली के नाम से कुछ लोग गुंडागर्दी कर रहे हैं, जो उचित नहीं है।
बीजेपी प्रदेश महामंत्री विजय शर्मा ने कहा – कर्नाटक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपने घोषणापत्र में बजरंग दल और पीएफआई को बैन करने की बात कहकर साबित कर दिया है कि कांग्रेस का चरित्र हिंदू विरोधी है। केंद्र सरकार ने सितंबर 2022 में पीएफआई को पहले ही बैन कर दिया है। कर्नाटक में कांग्रेस ने सिर्फ अपनी तुष्टीकरण की नीति के तहत घोषणा पत्र में पीएफआई के साथ बजरंग दल का नाम लेकर हिंदू संगठन को बदनाम करने की साजिश रची है।
मध्यप्रदेश में पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह ने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया का 2017 के एक भाषण का वीडियो ट्वीट किया, जिसमें सिंधिया बजरंग दल की तुलना आतंकवादी संगठन आईएसआई के जासूस से कर रहे हैं। दरअसल 2017 में पाकिस्तानी एजेंसी आईएसआई की जासूसी के आरोप में पकडे़ गए बजरंग दल कार्यकर्ता बलराम सिंह, ध्रुव सक्सेना को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने हमला बोला था। उस वक्त सिंधिया कांग्रेस में थे।
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