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दुर्ग नगर निगम के दामन में कई काले दाग : बिना टेंडर साढ़े 3 करोड़ की लागत से सड़क डामरीकरण का काम ठेकेदार को दे दिया : आंगनबाड़ी का निर्माण साल भर पहले शुरू हुआ, टेंडर 5 को खुलेगा …

  • नगर निगम में बह रही है उलटी गंगा
  • आखिर महापौर क्यों नहीं कस रहे शिकंजा
  • दाल में कुछ काला नहीं … पूरी दाल ही काली

द सीजी न्यूज

नगर निगम दुर्ग में विकास कार्यों में अफरातफरी और गड़बड़ी के साथ भ्रष्टाचार का खेल किस कदर हो रहा है, इसकी एक बानगी और देखिये। सड़क डामरीकरण कार्य में सील कोटिंग न करने का मामला उजागर होने के बाद एक और बड़ा खेल टेंडर को लेकर हो रहा है। नगर निगम के जानकार बता रहे हैं कि शहर में जितने भी डामरीकरण कार्य किये गए हैं, उनमें से ज्यादातर कार्यों का टेंडर तक नहीं हुआ है। बिना टेंडर किये ही चहेते ठेकेदार को करोड़ों का ठेका दे दिया गया है। ठेका देने के साथ ही कांट्रैक्टर को लूट की खुली छूट भी दे दी गई है।

डामरीकरण के साथ ही बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किये ही खास ठेकेदारों को मनचाहे रेट पर ठेका मनमाने तरीके से दिया जा रहा है। वार्ड 20 में आंगनबाड़ी निर्माण कार्य में भी इसी गड़बड़ी का खुलासा हुआ। सेटिंग के जरिये नगर निगम के जिम्मेदारों ने अपने खासमखास ठेकेदार को बिना टेंडर प्रक्रिया पूरी किये ही 19 लाख 85 हजार रुपए का ठेका दे दिया।

आंगनबाड़ी का निर्माण करीब एक साल पहले शुरू किया गया था। इस कार्य का टेंडर 12 जून को जारी किया गया। 5 जुलाई को टेंडर ओपन किया जाएगा। मिलीभगत करते हुए पहले से तय कांट्रैक्टर को ही ठेका दिया जाएगा।

यानी लेनदेन, कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार का खुला खेल फर्रूखाबादी।

है ना गजब …     

बड़ा सवाल ये है कि महापौर धीरज बाकलीवाल नगर निगम में दिन भर करते क्या हैं ?

नगर निगम के पीडब्लूडी प्रभारी अब्दुल गनी की क्या जिम्मेदारी है ? ?

नगर निगम के अधिकारी टेंडर की अफरातफरी में इतने बेखौफ क्यों हो गए हैं ???

नगर निगम के खजाने की लूट का खुला खेल कैसे हो रहा है ????     

चुनावी साल में दुर्ग नगर निगम की कांग्रेसी परिषद भूपेश सरकार का काफी नाम डुबाने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ रही है … 

सवाल ये भी है कि क्या सीएम भूपेश बघेल के करीबी नगरीय प्रशासन मंत्री डॉ शिव डहरिया का नाम खराब करने की कोशिश नगर निगम की मौजूदा परिषद कर रही है ???

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