द सीजी न्यूज
पूरे देश में आई फ्लु लगातार फैल रहा है। प्रदेश में भी इसकी संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है। हनोदा के सेक्टर प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर शांत दुबे ने बताया कि आई इनफेक्शन बैक्टीरिया, वायरस और एलर्जी के कारण होता है। कंजेक्टिवाइटिस के प्रमुख लक्षण आंखों का लाल या पिंक होना, आंखों में चुभन होना, लगातार पानी आना, कई बार आंखों से ब्लड भी आ जाता है।
कंजंक्टिवा (पतली और क्लियर लेयर, जो पलक के अंदर की परत और आंख के सफेद हिस्से को ढकता है) में होने वाली सूजन आ जाती है। इससे बचने के लिए सही टाइम पर इसकी रोकथाम और उपचार आवश्यक है। अक्सर लोग अपनी मर्जी से दवाईयों की दुकानों से कोई भी आई ड्रॉप लेकर कई दिनों से आंखों में लगा रहे हैं, जिससे मरीज की आंखे ठीक होने की बजाए और ज्यादा परेशानियां हो रही है।
संक्रमण फैलने से रोकने के लिए स्कूलों में आई फ्लू के शिकार बच्चों को अन्य बच्चों से अलग रखना जरूरी है। आई फ्लू के शिकार बच्चों को घर में ही आराम करने की सलाह भी दी जा रही है। आंखों को चश्मे से कवर करना, हाथों को बार-बार धोना और नेत्र विशेषज्ञ डॉक्टरों से उपचार कराना कारगर होता है। मेडिकल स्टोर्स से अपनी मर्जी से कोई भी आई ड्रॉप का यूज करना उचित नहीं है। कई बार एक संक्रमित व्यक्ति का आई ड्रॉप्स उस परिवार के सभी सदस्यों द्वारा उपयोग करने से भी परेशानी बढ़ रही है। इसे ध्यान में रखते हुए सावधानी बरतना जरूरी है।
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