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टिकट की दौड़ : दिल्ली में भाजपा के पॉवरफुल नेताओं से मिले प्रसिद्ध बिल्डर चतुर्भुज राठी : आरएसएस लॉबी की ताकत गजेंद्र के पास : फुटपाथ मैकेनिक रहे दिनेश देवांगन पर भी भाजपा खेल सकती है दांव

द सीजी न्यूज

दुर्ग शहर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की टिकट पाने की कवायद का दौर अब अंतिम चरण में है। भाजपा की वायरल सूची में दुर्ग से गजेंद्र यादव का नाम आने के बाद अन्य दावेदारों ने अपने-अपने स्तर पर प्रयास तेज कर दिये हैं। खबरों के अनुसार भाजपा से सबसे सशक्त दावेदार समझे जा रहे चतुर्भुज राठी दिल्ली में डटे हैं। राठी ने दिल्ली में भाजपा नेताओं से टिकट के लिए दावा ठोंका है। भाजपा सूत्र बता रहे हैं कि दुर्ग से राठी के नाम पर मुहर लग सकती है।  

सूत्रों ने खुलासा किया कि दिल्ली में भाजपा से अंतिम दौर में सिर्फ तीन नामों पर चर्चा हो रही है। सामान्य वर्ग से चतुर्भुज राठी का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है और राठी को टिकट मिलने की काफी संभावनाएं भी हैं। अगर पार्टी ओबीसी वर्ग से प्रत्याशी चुनने पर सहमति देती है तो टिकट के लिए आरएसएस लाबी से गजेंद्र यादव को भी दिल्ली में प्रबल दावेदार बताया गया है। इधर, ताजा अपडेट के अनुसार पूर्व सभापति दिनेश देवांगन के नाम पर भी प्रमुखता से विचार किया जा रहा है।

चतुर्भुज राठी को भारतीय जनता पार्टी के कई बड़े नेताओं का समर्थन मिल रहा है। दुर्ग से जारी भाजपा की रिपोर्ट में भी कहा गया है कि कांग्रेस को सबसे  कड़ी टक्कर चतुर्भुज राठी ही दे सकते हैं। दिल्ली में साफ तौर पर माना गया कि दुर्ग में कांग्रेस को वाकओवर मिलने के दावे करने वाले कांग्रेस नेताओं का पसीना चतुर्भुज राठी ही निकाल सकते हैं। चतुर्भुज राठी का इलेक्शन मैनेजमेंट सबसे पॉवरफुल होगा, यह सभी शीर्ष नेता मान रहे हैं।   

गजेंद्र यादव को आरएसएस लाबी से बड़ा समर्थन मिल रहा है। बताया जा रहा है कि गजेंद्र के पिता बिसरा राम यादव ने दिल्ली में डेरा जमाया जिसके फलस्वरूप गजेंद्र को टिकट का प्रबल दावेदार समझा गया। बिसरा राम यादव आरएसएस के छत्तीसगढ़ प्रांत प्रमुख रहे हैं।  आरएसएस में उनकी सेवाओं को याद करते हुए आरएसएस लाबी गजेंद्र को टिकट देने की वकालत कर रही है। गजेंद्र दुर्ग नगर निगम में एक बार पार्षद रहे जबकि दूसरी बार हुए चुनाव में वे हार गए। तीसरे नंबर पर रहे।

एक अन्य दावेदार दिनेश देवांगन को फुटपाथ से निकले भाजपा नेता के रूप में दिल्ली में प्रोजेक्ट किया गया है। दलील दी गई है कि दिनेश को प्रत्याशी बनाने से न केवल ओबीसी वर्ग बल्कि भाजपा के संगठन नेताओं का भी पूरा समर्थन मिलेगा। फुटपाथ पर दुपहिया वाहनों के मैकेनिक का काम करने वाले दिनेश ने पार्टी में लगातार सेवा करते हुए चार बार पार्षद का चुनाव लड़ा और चुनाव भी जीता। बाद में वे नगर निगम के सभापति और लोक कर्म विभाग के प्रभारी भी बने। संगठन के प्रति उनकी मेहनत को याद करते हुए टिकट देने की सिफारिश की जा रही है।  दिनेश की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के बावजूद भाजपा प्रत्याशी बनाकर पार्टी नेता यह संदेश देना चाहते हैं कि भाजपा ही गरीबों की परवाह करती है।  

अब देखना ये है कि … 

भाजपा प्रत्याशियों की वायरल सूची से मचे घमासान को रोकने के लिए दुर्ग से किसे प्रत्याशी बनाया जाएगा।

माना जा रहा है कि एक-दो दिनों में भाजपा अधिकृत प्रत्याशियों की दूसरी सूची जारी कर सकती है। 

देखना ये है कि प्रत्याशी चयन के तिकोने संघर्ष में किसे मिलेगी टिकट ??? 

चतुर्भुज राठी, गजेंद्र यादव या दिनेश देवांगन ??? किस्मत किसकी खुलेगी ???

 

 

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