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कोषालयों में शासकीय विभागों के सभी प्रकार के बिलों को दी जाएगी ऑनलाइन मंजूरी

  • आहरण संवितरण अधिकारी बिलों में करेंगे डिजिटल हस्ताक्षर
  • बिलों की मंजूरी में आएगी तेजी, बढ़ेगी पारदर्शिता
  • वित्त सचिव मुकेश कुमार ने तैयारियों का लिया जायजा
  • आगामी एक जुलाई से शुरू होगी सभी प्रकार के बिलों को आनलाइन स्वीकृति की व्यवस्था

द सीजी न्यूज

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सभी कोषालयों में अधिकारी-कर्मचारियों के सैलरी बिल के अलावा अन्य बिलों को भी अब ई-कोष के माध्यम से ऑनलाइन स्वीकृति दी जाएगी। इसके लिए तैयारियां वित्त विभाग द्वारा शुरू कर दी गई है। सभी विभागों के आहरण संवितरण अधिकारियों को कोषालय में ऑनलाइन बिल भेजने के लिए डिजिटल सिग्नेचर की सुविधा भी दी जा रही है। बिलों की मंजूरी की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से कामकाज आसान होगा, साथ ही बिलों की स्वीकृति तेजी से मिलेगी। वहीं बिलों की स्वीकृति का काम भी पारदर्शी ढंग से होगा।

राज्य के सभी कोषालयों में वर्तमान में शासकीय विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों के सैलरी बिल की स्वीकृति के लिए ऑनलाइन सॉफ्टवेयर ई-कोष का इस्तेमाल किया जा रहा है। विभागों के माध्यम से बिलों की हार्डकॉपी भी आहरण संवितरण अधिकारियों के हस्ताक्षर के उपरांत कोषालयों में जमा किए जा रहे हैं। कोषालयों में बिलों की आहरण की पूरी प्रक्रिया अब ऑनलाइन होने के बाद विभागों को बिलों की हार्डकॉपी कोषालयों में जमा करने की जरूरत नहीं होगी और न ही बीटीआर प्रस्तुत करना होगा। वहीं पेपर लेस प्रक्रिया से पर्यावरण भी संरक्षित होगा।

संचालनालय के अधिकारियों ने बताया कि बिलों के आहरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाईन होने के बाद कोषालयों में बिलों की मंजूरी इसी प्रकार बिलों में आपत्ति लगाने जैसे काम भी ऑनलाइन होंगे। बिलों पर लगाई गई आपत्तियों का निराकरण भी ऑनलाइन होगा। इससे विभागों के कर्मचारियों को बार-बार कोषालय जाने की जरूरत भी नहीं रहेगी। विभाग के अधिकारी-कर्मचारी बिलों की स्वीकृति और आपत्तियों का निराकरण अपने कार्यालय से ही कर सकेंगे।

सैलरी के अलावा अन्य बिलों को भी ऑनलाइन स्वीकृति के लिए संचालनालय कोष लेखा द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही है। ई-कोष के लिए महालेखागार कार्यालय में अलग से सर्वर भी स्थापित किया गया है। बिलों की ऑनलाईन मंजूरी प्रक्रिया के लिए वित्त विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को सॉफ्टवेयर संचालन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं का प्रशिक्षण दिया गया है। संचालनालय कोष एवं लेखा द्वारा भी महालेखाकार को भेजा जाने वाले सभी प्रतिवेदन ऑनलाईन भेजे जाएंगे, इसके लिए अलग से सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं।

वित्त विभाग के सचिव मुकेश कुमार ने आज इंद्रावती भवन स्थित कोष एवं लेखा संचालनालय में ई-कोष साफ्टवेयर के विभिन्न माड्यूल के संबंध में पूरी जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें कोषालय में बिल पासिंग की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी। कुमार ने संचालक, कोष एवं लेखा को कोषालयों में पेपर लेस कार्य एक जुलाई 2024 से प्रारंभ किये जाने हेतु आवश्यक तैयारी के निर्देश दिए। इस दौरान पब्लिक फाइनेंस मैनेजमेंट सिस्टम और सिंगल नोडल एजेंसी के संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेन्टेशन भी प्रस्तुत किया गया।

इस मौके पर संचालक (बजट) शारदा वर्मा, संचालक, कोष एवं लेखा महादेव कावरे, संचालक संस्थागत वित्त शीतल शाश्वत वर्मा, वित्त नियंत्रक तिलक सोरी और अखिलेश्वर सिंह, अपर संचालक ई-कोष अल्पना घोष, अपर संचालक संस्थागत वित्त अमितेश सिंह, उप सचिव (वित्त)  ऋषभ पाराशर और पी.एल. साहरा वरिष्ठ कोषालय अधिकारी उपस्थित थे।

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