- सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष रिवेंद्र यादव ने किया भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार
- शराबबंदी और गौसेवा की दुहाई देने वाले भाजपा नेताओं की कथनी और करनी का फर्क उजागर
- गौठान बंद होने से खेतों की फसल चरेंगे गौवंश : किसानों को होगा नुकसान
द सीजी न्यूज
दुर्ग। चुनावी सरगर्मी के बीच सरपंच संघ के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस सहकारिता प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष रिवेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर बड़ा हमला बोला है। रिवेंद्र ने कहा कि गौसेवा और गौरक्षा की दुहाई देने वाले भाजपा नेताओं की कथनी और करनी का फर्क राज्य की जनता देख रही है। साय सरकार ने गौधन की सुरक्षा के लिए खोले गए गौठान बंद कर दिये हैं। इसके कारण गायों को गौठान में पैरा, पानी नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश भर के गौठान बंद करने वाली साय सरकार शराब के आधुनिक अहाते खोल कर रही है, जो बेहद दुर्भाग्यजनक है।
रिवेंद्र यादव ने कहा कि भूपेश सरकार ने छत्तीसगढ़ में दस हजार से ज्यादा आदर्श गौठान बनाए। इन गौठानों में गायों के लिए छायादार शेड, खाने के लिए पैरा, पानी के कोटने आदि की व्यवस्था की गई। पेड़ों की छांव में गौ माता यहां दिन भर विचरण करते थे। गौठानों में ग्रामीण महिलाओं की रोजगार मूलक गतिविधियां भी शुरू की गई। गोबर से खाद और गोमूत्र से कीटनाशक बनाने का काम महिला समूहों ने शुरू किया, जिससे उन्हें रोजगार मिला। भाजपा सरकार ने इन गोठानों और गोबर खरीदी बंद कर गौमाता और स्वसहायता समूहों की महिलाओं के रोजगार पर प्रहार किया है।
रिवेंद्र ने कहा कि गौमाता की सेवा के लिए जिन गौठानों की पूरे देश में तारीफ होती रही और भूपेश सरकार के गौसेवा के कार्यों की जमकर सराहना हुई। आज साय सरकार ने उन गौठानों को बंद कर दिया है। गौमाता को पैरा, पानी और छायादार शेड की सुविधा नहीं मिल रही। गौठान में महिलाओं के रोजगार भी बंद हो गए हैं, जिसके कारण उनको हर महीने होने वाली आमदनी बंद हो गई है।
रिवेंद्र यादव ने कहा कि गौठान में गौवंश के रहने और पैरा-पानी की व्यवस्था से किसानों की फसल की सुरक्षा हो रही थी। गौठानों में गौवंश के रहने से किसानों के खेतों में फसल का नुकसान नहीं हो रहा था। इस नई व्यवस्था से किसानों की फसल बच रही थी, लेकिन गौठान बंद होने से अब गौवंश फिर से खेतों में घुसेंगे और किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाएंगे। भाजपा सरकार के गौठान बंद करने के फैसले से किसान भी आक्रोशित हैं।
रिवेंद्र ने कहा कि गोबर खरीदी बंद होने से सबसे ज्यादा आर्थिक नुकसान यादव समाज को हुआ। साय सरकार ने यादव समाज के आर्थिक हितों पर सख्त प्रहार किया है। इससे यादव समाज सहित सभी गौपालकों में काफी आक्रोश है। गौसेवा और गौठान बंद कर शराब के आधुनिक अहाते खोलने वाले भाजपा नेताओं को लोकसभा चुनाव में यादव समाज के लोग भी सबक सिखाएंगे और किसानों के साथ साथ स्वसहायता समूहों की महिलाएं भी भाजपा को जवाब देंगी।
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