द सीजी न्यूज
चुनाव प्रचार अभियान के दौरान यह तस्वीर साफ हो गई थी कि राजेंद्र साहू को हर वर्ग का जबर्दस्त समर्थन मिल रहा है …
फिर … मतगणना का दिन आ गया …
काउंटिंग शुरू हुई …
महापौर प्रत्याशी राजेंद्र साहू शुरू से बढ़त बनाए हुए थे …
रात 9 बजे तक राजेंद्र मतगणना में काफी आगे चल रहे थे …
अचानक … मतगणना स्थल पर लाइट बंद हो गई ….
बाद में पता चला बिजली बंद नहीं हुई, बल्कि बंद की गई थी …
घुप्प अंधेरा छा गया …
फिर … उसी घुप्प अंधेरे में वोट इधर से उधर कर दिये गए …
महज एक घंटे के अंधेरे में चुनाव के नतीजे पलट चुके थे …
दोबारा काउंटिंग कराने की मांग की गई … निष्पक्ष मतगणना कराने की मांग उठी …
लेकिन …
सारी मांगे प्रशासन तंत्र ने अनसुनी कर दी … प्रशासन सख्ती पर उतर आया … लोकतंत्र की हत्या कर दी गई …
मतगणना स्थल पर सीन बदलने लगा …
राजेंद्र साहू के समर्थक भड़क गए … भारी गहमागहमी मच गई … शोरशराबा होने लगा …
महापौर प्रत्याशी राजेंद्र साहू मतगणना स्थल पर ही धरने पर बैठ गए …
राजनीतिक माहौल गर्म हो गया … नारेबाजी होने लगी … प्रशासनिक तंत्र ने किसी की न सुनी …
दरअसल, महापौर चुनाव में राजेंद्र साहू की लोकप्रियता देखकर भाजपा नेताओं ने पहले ही भांप लिया था कि चुनाव में भाजपा की हार तय है …
इसी आशंका के कारण …
एकात्म परिसर में के इशारे पर मतगणना के दौरान राजेंद्र को चुनाव हराने का खेला करने की साजिश रची गई …
जिले के दो प्रमुख अफसरों को यह जिम्मेदारी दी गई …
और उन्हीं के इशारे पर बिजली बंद करने से लेकर सारे कांड किये गए …
भाजपा के महापौर प्रत्याशी विजयी घोषित किये गए …
राजेंद्र को षड्यंत्रपूर्वक हराने की खबर आधी रात तक पूरे शहर में आग की तरह फैल चुकी थी …
लोग आक्रोशित थे …
उनके समर्थकों ने आधी रात को ही अगले दिन दुर्ग बंद का ऐलान कर दिया …
राजेंद्र साहू सड़क पर थे …
सुबह 9 बजे अपने चंद साथियों के साथ मार्केट एरिया में पैदल निकल पड़े …
हाथ जोड़े राजेंद्र जहां-जहां जाते … दुकानों के शटर धड़ाधड़ बंद हो जाते …
बिना शक्ति प्रदर्शन, बिना हो-हल्ला और हुड़दंग किये शहर ने ऐतिहासिक बंद का नजारा देखा …
राजेंद्र साहू को हर वर्ग से जबर्दस्त समर्थन मिला …
आम जनता से … व्यवसाइयों से … पसरा, गुमटी वालों से … गरीब गुरबों से … समाज के हर वर्ग से …. बेहिसाब सहानुभूति मिली … ढेर सारी दुआएं भी मिली … ढेर सारा आशीर्वाद मिला …
आक्रोशित लोग कहते रहे … राजेंद्र के साथ बहुत बड़ा अन्याय हुआ है …
पूरे शहर में एक ही चर्चा थी … एक सीधे सरल, हरदिल अजीज शख्सियत को षड्यंत्रपूर्वक हरा दिया गया …
उस समय पूरे शहर में राजेंद्र को मिली सहानुभूति और आशीर्वाद का दायरा आज 15 साल बाद कई गुना बढ़ चुका है …
दुर्ग लोकसभा क्षेत्र में …
पाटन और दुर्ग ग्रामीण क्षेत्र के आखिरी छोर से लेकर नवागढ़, बेमेतरा, साजा के दूरदराज के गांवों तक …
राजेंद्र को सहानुभूति मिल रही है … स्नेह मिल रहा है … आशीर्वाद और दुआएं मिल रही है
राजेंद्र को जन-जन से मिल रही सहानुभूति के साथ आम जनता के मन में एक खामोश सी संकल्प शक्ति भी है …
जिस भाजपाई साजिश ने सीधे-सरल राजेंद्र साहू को हराया था … उस भाजपा को सबक सिखाने की संकल्प शक्ति …
राजेंद्र साहू के समर्थकों का कहना है – भाजपा ने बिजली बंद कर घुप्प अंधेरे में राजेंद्र को हराने का खेल रचा था, 15 साल बाद दुर्ग लोकसभा क्षेत्र की जनता दिन के उजाले में राजेंद्र को जिताएगी। चुनाव नतीजे 4 जून को आएंगे लेकिन इसकी स्क्रिप्ट 7 मई को आम जनता लिख चुकी होगी।
यहां याद रखना जरूरी है…
जिस भाजपा नेत्री के इशारे पर एकात्म परिसर से राजेंद्र को हराने की पूरी साजिश का ताना बाना रचा गया ,,,
उस भाजपा नेत्री को पूरे दुर्ग जिले की जनता ने सिरे से नकार दिया …
आम जनता की ताकत ने दुर्ग में उस भाजपा नेत्री की राजनीति ही खत्म कर दी …
मैडम को दुर्ग लोकसभा क्षेत्र से पलायन करना पड़ा …
आम जनता की वही ताकत 2024 में राजेंद्र को न्याय दिलाने की तैयारी कर रही है …
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