द सीजी न्यूज
भिलाई। स्टील वर्कर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर सीटू भिलाई सहित देश के सभी इस्पात उद्योगों में सीटू से सम्बंधित यूनियनों ने प्रदर्शन किया। प्रबंधन को मांग पत्र सौंपकर जल्द से जल्द एनजेसीएस की बैठक बुलाकर वेतन समझौता की मांग पूरा करने कहा गया। सेंट्रल लेबर कमिश्नर के निर्देश पर प्रबंधन ने खानापूर्ति करने एनजेसीएस की सब कमेटी की बैठक बुलाई है। प्रबंधन का कहना है कि अफोर्डेबिलिटी क्लाज के कारण एरियर्स नहीं दे सकते हैं। प्रबंधन के अनुसार अब कोई भी मांग लंबित नहीं है। सीटू ने दो टूक कहा है कि सभी विषयों पर बात करने के लिए एनजेसीएस की बैठक बुलाने की मांग की है। इन विषयों पर सब कमेटी में चर्चा कर निर्धारण करना संभव नहीं है।
सीटू महासचिव जगन्नाथ प्रसाद त्रिवेदी ने बताया कि बैठक के दौरान प्रबंधन ने कहा था कि एरियर्स के मुद्दे पर कोर्ट में किसी यूनियन ने केस किया है, इसीलिए एरियर्स पर बात नहीं हो सकती है। यूनियन ने तर्क रखते हुए जवाब दिया तो कहने लगे कि एमओयू में एरियर्स के बारे में कुछ भी नहीं लिखा गया है। ये भी कहा गया कि मंत्रालय एरियर्स के लिए मंजूरी नहीं दे रहा है। सीटू ने मंत्रालय से मंजूरी के लिए भेेजे गए नोट की कॉपी उपलब्ध कराने की मांग की।
प्रबंधन ने उस नोट की कॉपी देने से इनकार कर दिया। सीटू का स्पष्ट कहना है कि एमओयू पर हस्ताक्षर उन्होंने नहीं किए हैं। एक बार एरियर्स छोडऩे पर प्रबंधन आने वाले समझौते में भी एरियर्स देने से इंकार कर देगा। यह ठीक नहीं है। इन मुद्दों को लेकर भिलाई के बोरिया गेट में सुबह 8 से 9 बजे तक प्रदर्शन किया गया और निदेशक प्रभारी के नाम ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में एनजेसीएस की बैठक बुलाकर वेतन समझौता को पूरा करने की मांग की गई है। मजदूरों पर थोपे जा रहे नई श्रम शक्ति नीति 2025 को वापस लेने के लिए उचित कदम उठाने की मांग भी की गई है।
सीटू ने मांग पत्र में कहा है कि 1 जनवरी 2017 से प्रभावी वेतन समझौते के सभी लंबित मुद्दों का तत्काल निराकरण किया जाए। बोनस फार्मूला को रद्द करते हुए द्विपक्षीय वार्ता बुला कर एएसपीएलआईएस/बोनस फार्मूला का पुनर्निर्धारण किया जाए। ग्रेच्युटी सीमित करने संबंधित एकतरफा आदेश को निरस्त कर ग्रेच्युटी पर थोपे गए सीमा (सीलिंग) को हटाया जाए। इंसेटिव स्कीम पुनर्निर्धारण किया जाए। स्थायी कर्मचारियों के साथ ठेका कर्मचारियों का वेतन समझौता भी किया जाए और एस-1 ग्रेड का वेतनमान दिया जाए। ठेका कर्मियों के ईएसआई की सीमा 21,000 से बढ़ाकर 30,000 किया जाए। ठेका कर्मियों को 20 प्रतिशत बोनस देना सुनिश्चित किया जाए। आरआईएनएल के कर्मियों के लिए भी वेतन पुनर्निर्धारण बिना किसी शर्त के लागू किया जाए और उन्हें तत्काल एरियर्स दिया जाए। सभी कर्मियों को 01/01/2022 से एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट दिया जाए। कर्मचारी वर्ग पर विपरीत प्रभाव डालने वाला नई श्रम शक्ति नीति 2025 वापस लिया जाए।
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