- विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के तहत महत्वपूर्ण कदम
- आजीविका डबरी से मजबूत होगी खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन
- युक्तधारा व GIS आधारित योजना से होगा स्थायी जल प्रबंधन
द सीजी न्यूज
दुर्ग। ग्रामीण क्षेत्रों में हितग्राहियों की आय बढ़ाने तथा स्थायी आजीविका के साधनों को सुदृढ़ करने की दिशा में जिले में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण (VBGRAMG) के अंतर्गत वर्ष 2025-26 के लिए जिले में 54 आजीविका डबरी निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह योजना विभिन्न विभागों के समन्वय (कन्वर्जेन्स) से संचालित की जा रही है, जिससे ग्रामीण परिवारों को बहुआयामी लाभ प्राप्त होंगे।
युक्तधारा के माध्यम से GIS बेस्ड प्लान व सैटेलाइट सर्वे के आधार पर आजीविका डबरी निर्माण के लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं। आजीविका डबरी के निर्माण से वर्षा जल संचयन, भू-जल रिचार्ज एवं खेतों में आवश्यक सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे खरीफ व रबी दोनों फसलों की उत्पादकता में वृद्धि होगी। पशुपालन व मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों से किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर प्राप्त होंगे।
जिला प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायतों में प्राथमिकता के आधार पर पात्र हितग्राहियों का चयन कर कार्य प्रारंभ कराया जा रहा है। आजीविका डबरी ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन, रोजगार सृजन एवं आय संवर्धन को एक साथ आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध होगी। स्व-सहायता समूह की दीदियों के लिए आजीविका डबरी निर्माण, खेती-किसानी से जुड़े कार्य एवं आजीविका सुरक्षा को और अधिक मजबूती प्रदान करेगा। अधिनियम के अंतर्गत किए जाने वाले सभी कार्य राष्ट्रीय ग्रामीण अवसंरचना का हिस्सा होंगे, जिनमें जल सुरक्षा, मूलभूत ढांचा और आजीविका आधारित कार्य सम्मिलित हैं।
कलेक्टर अभिजीत सिंह व जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि आजीविका डबरी ग्राम अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने का एक प्रभावी मॉडल है। जिले में 54 आजीविका डबरी के निर्माण से बड़ी संख्या में रोजगार सृजित होंगे, ग्रामीण परिवारों की आय में वृद्धि होगी और जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि वे जी-राम-जी योजना के अंतर्गत हितग्राही मूलक आजीविका डबरी निर्माण के लिए आगे आएं और योजना का लाभ लें।
विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण के ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभा आयोजित कर प्रस्ताव पारित किए गए, जिसमें सरपंच, पंच, जनपद सदस्य सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने आजीविका डबरी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह संरचना भविष्य में सिंचाई, मत्स्य पालन एवं कृषि आधारित आजीविका को सुदृढ़ करने का प्रमुख साधन सिद्ध होगी। मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरी न केवल रोजगार सृजन में सहायक होगी, बल्कि क्षेत्र में आर्थिक आत्मनिर्भरता एवं स्थायी आजीविका के अवसर भी उपलब्ध कराएगी। ग्रामीणों एवं विशेषकर महिलाओं द्वारा इस पहल का स्वागत किया गया।
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