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शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा देकर फर्जी ट्रेडिंग एप से 13 लाख ठगे

  • फर्जी कंपनी बनकर क्यूआर कोड से कराया लाखों का ट्रांजेक्शन

द सीजी न्यूज

भिलाई/ सोशल मीडिया में शेयर ट्रेडिंग में मुनाफे का लालच देकर 13.90 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला उजागर हुआ है। खुर्सीपार भिलाई निवासी मनीष गजपाल (39) से अज्ञात आरोपियों ने व्हाट्सएप ग्रुप और फर्जी ट्रेडिंग एप के माध्यम से रकम हड़प ली। पीडि़त की शिकायत पर साइबर थाना दुर्ग में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पीडि़त मनीष गजपाल ने बताया कि नवंबर 2025 में उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया। लिंक भेजकर ट्रेडिंग से जुड़े ग्रुप में शामिल होने का आमंत्रण दिया गया। लिंक के जरिए वे स्टाक फ्लाइट डी 2 नामक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े। ग्रुप में कई अन्य सदस्य भी मौजूद थे। ग्रुप में लगातार ट्रेडिंग से कमाए गए मुनाफे के स्क्रीनशॉट और दावे साझा किए जा रहे थे। इससे प्रभावित होकर उन्होंने निवेश करने का निर्णय लिया।
दिसंबर 2025 में ग्रुप के निर्देश पर मनीष ने स्टाक फ्लाइट डी 2 नामक एप इंस्टॉल किया। एप में उनके निवेश और कथित मुनाफे की जानकारी दिखाई जाती थी। उन्होंने खाते में पहले 50 हजार रुपये जमा किए। इसके बाद 90 हजार रुपये और डाले। उन्होंने एप से 50 हजार रुपये का एक बार विड्रॉल भी किया। आरोपियों ने उन्हें ज्यादा निवेश करने कहा। इसके बाद 3 लाख रुपये, 1 लाख रुपये, 6 लाख रुपये और 2.50 लाख रुपये अलग-अलग खाते में जमा किए। इस तरह कुल 13.90 लाख रुपये ट्रांसफर किये गए।
जब पीडि़त ने राशि निकालने की कोशिश की, तो विड्रॉल नहीं हुआ। पूछताछ करने पर ग्रुप हेड व अन्य नंबरों से संपर्क कर बताया गया कि उन्होंने आईपीओ खरीदा है, जिसकी राशि पेंडिंग है। बार-बार रकम जमा कराने के बावजूद पैसे न मिलने पर मनीष को ठगी का शक हुआ। इसके बाद उन्होंने साइबर फ्रॉड हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई।
एक और मामले में भी 11 लाख से ज्यादा की ठगी
एक अन्य मामले में भी शेयर ट्रेडिंग और निवेश में मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने युवक से 11 लाख 15 हजार रुपये की ठगी कर ली। कोहका भिलाई में अज्ञात आरोपियों ने खुद को ब्रड सिक्योरिटी नामक कंपनी का प्रतिनिधि बताकर व्हाट्सएप के जरिए युवक को जाल में फंसाया। पीडि़त शुभम जायसवाल (29), निवासी हाउसिंग बोर्ड भिलाई ने बताया कि 20 दिसंबर को उनके मोबाइल पर अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ब्रड सिक्योरिटी कंपनी से जुड़ा बताकर निवेश पर मोटे मुनाफे का ऑफर दिया। उन्हें एक लिंक भेजा गया, जिस पर क्लिक करने पर क्यूआर कोड मिला।
शुभम ने अपनी मां रीता जायसवाल के बैंक ऑफ  बड़ौदा खाते से 10 हजार रुपये ट्रांसफर किए। जिसके बदले लिंक आईडी में 5 हजार रुपये का मुनाफा दिखाया गया। कुल 15 हजार रुपये इंडसइंड बैंक खाते में विड्रॉल भी किये गए। इसके बाद आरोपियों ने लगातार निवेश के लिए प्रेरित किया। 23 दिसंबर को 6 बार में कुल 40 हजार रुपये ट्रांसफर कराए गए। 26 से 30 दिसंबर के बीच इंडसइंड बैंक खाते से कई बार में 2.15 लाख रुपये ट्रांसफर हुए। बीच-बीच में कुछ रकम विड्रॉल भी कराई गई। 1 जनवरी से 6 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग बैंक खातों और क्यूआर कोड के माध्यम से कुल 6.5 लाख रुपये से अधिक की राशि ट्रांसफर कराई गई। इस दौरान पीडि़त ने कुल 6.15 लाख रुपये विड्रॉल किए।
7 जनवरी 2026 को लिंक आईडी में करीब 16 लाख रुपये दिखने लगे। जब शुभम ने 5 लाख रुपये विड्रॉल करने की कोशिश की तो 18 प्रतिशत जीएसटी जमा करने का मैसेज आया। शक होने पर उसने रकम जमा नहीं की। बाद में सर्विस सेंटर नंबर पर संपर्क करने पर एफआईआर की धमकी दी गई। इसके बाद शुभम को ठगी होने का शक हुआ। उसने 7 जनवरी 2026 को साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और डिजिटल लेन-देन की जांच कर रही है।

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